MP News: इंदौर के ऐतिहासिक किला मैदान में CM मोहन यादव ने रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी। आखिर उनके शौर्य को लेकर क्या कहा? जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रमदान क्यों किया? प्राचीन बावड़ी के निरीक्षण का क्या महत्व है? सरकार स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को कैसे सहेजेगी? किला मैदान को लेकर CM ने क्या खास संदेश दिया?
भोपाल/इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 जून को इंदौर प्रवास के दौरान ऐतिहासिक किला मैदान पहुंचकर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अद्वितीय योगदान को याद किया।

रानी लक्ष्मीबाई का शौर्य आज भी देश को देता है प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही रानी लक्ष्मीबाई ने देश की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका जीवन और संघर्ष हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा तथा स्वाभिमान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किया श्रमदान
इंदौर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में भी भाग लिया। उन्होंने लिंबोदी क्षेत्र के तालाब में श्रमदान कर जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्राचीन बावड़ी का निरीक्षण और गौशाला में सेवा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन श्री वीरगढ़ी हनुमान मंदिर पहुंचकर वहां स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने गौशाला में जाकर गौ-माता को चारा खिलाया और पारंपरिक सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को सहेजने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, महापुरुषों और राष्ट्रनिर्माताओं के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन महान विभूतियों के आदर्शों और विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके।
इंदौर का किला मैदान ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक
डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर का ऐतिहासिक किला मैदान प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह स्थल कई महान वीरों और ऐतिहासिक घटनाओं की स्मृतियों का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।


