Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की दिवंगत उर्मिला सैनी के परिजनों से मुलाकात कर उनके बच्चों के भविष्य के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
किसी परिवार पर दुख का पहाड़ टूटे तो सबसे बड़ी जरूरत सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि भरोसे की भी होती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐसी ही संवेदनशील पहल करते हुए इंदौर की दिवंगत उर्मिला सैनी के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने न केवल परिजनों को ढांढस बंधाया, बल्कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
विधानसभा में परिजनों से मुलाकात, सरकार ने हर संभव सहयोग का दिया भरोसा
20 जुलाई को भोपाल स्थित विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिवंगत उर्मिला सैनी के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें, राज्य सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। इस मुलाकात में मृतका की पुत्री प्रेक्षा सैनी अपने नाना सत्यनारायण मालाकार और अन्य परिजनों के साथ मौजूद रहीं।
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बच्चों की पढ़ाई के लिए 5 लाख रुपये की सहायता, एफडी में जमा होगी राशि
मुख्यमंत्री ने दिवंगत उर्मिला सैनी के दोनों बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। यह राशि दोनों बच्चों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के रूप में जमा की जाएगी। सरकार के अनुसार, एफडी से मिलने वाला ब्याज बच्चों की स्कूली और उच्च शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी जरूरतों में राज्य सरकार आगे भी हरसंभव सहयोग करेगी।
शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार लगातार सहयोग करती रहेगी।
सरकार की यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने और उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऐसे समय में जब परिवार गहरे शोक से गुजर रहा है, राज्य सरकार की ओर से दिया गया यह भरोसा उनके लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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