MP News: क्या चित्रकूट धाम पर 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे? क्या श्रीराम वन गमन पथ का तेजी से होगा विकास? क्या सिंहस्थ 2028 की तैयारियां नए स्तर पर पहुंच गई हैं? क्या दूध उत्पादन 20% तक बढ़ाने की योजना सफल होगी? नागदा के बालाजी धाम में सीएम मोहन यादव ने धार्मिक विकास, गोपालन और क्षेत्रीय प्रगति को लेकर कई बड़े ऐलान किए।

भोपाल/उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों, प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के विस्तार और विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक मंदिर निर्माण के मार्ग में कई बाधाएं खड़ी की गईं, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सरयू तट पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और सदियों पुराना संघर्ष सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

चित्रकूट धाम विकास परियोजना पर सरकार का बड़ा फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य चित्रकूट धाम विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे, उन्हें श्रीराम वन गमन पथ परियोजना में शामिल कर व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत विकसित करने का कार्य जारी है।

सिंहस्थ 2028 और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को मिलेगा नया विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उज्जैन, इंदौर और आसपास के जिलों में आधारभूत ढांचे और अन्य विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विस्तार में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

बालाजी धाम में बुनियादी सुविधाओं के विकास की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बालाजी धाम परिसर में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यहां फर्श निर्माण, बाउंड्री वॉल और पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

भगवान श्रीराम और हनुमान जी के आदर्शों पर चलने का संदेश

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और मानवीय मूल्यों का सर्वोत्तम उदाहरण है। वे आदर्श पुत्र, आदर्श भाई और आदर्श शासक थे। रामराज्य की अवधारणा में समाज के प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण की भावना निहित थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी गरीबों, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से अंत्योदय के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान हनुमान का संपूर्ण जीवन प्रभु श्रीराम की सेवा और समर्पण का प्रतीक है। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सकारात्मक गुणों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

दूध उत्पादन बढ़ाने और गोपालन को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरित होकर गोपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध उत्पादन को वर्तमान 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती और गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की व्यवस्था भी की गई है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।