MP Farmers News: क्या किसानों के लिए सरकार ने फिर किया बड़ा फैसला? क्यों भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का जताया आभार? ऋण अदायगी की समयसीमा बढ़ाने और चार गुना मुआवजे की व्यवस्था से किसानों को कितना लाभ मिलेगा? गेहूं खरीदी में मध्यप्रदेश ने कौन सा रिकॉर्ड बनाया? जानिए पूरी खबर।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में आगे बढ़ाते हुए किसानों के हित में कार्य लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अन्नदाताओं के सम्मान और उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

किसान हितैषी फैसलों पर सरकार को मिला समर्थन
भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने राज्य शासन द्वारा किसानों को राहत देने वाले कई निर्णयों की सराहना की। संघ ने विशेष रूप से ऋण अदायगी की अंतिम तिथि को 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई किए जाने तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को चार गुना मुआवजा देने की व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिए गए फैसले सराहनीय हैं और इससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
मूंग खरीदी और सिंचाई व्यवस्था को लेकर दिए सुझाव
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भारतीय किसान संघ ने कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। प्रतिनिधिमंडल ने मूंग खरीदी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, मूंग एवं उड़द फसलों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को समय पर पूर्ण कराने तथा नहरों को तालाबों से जोड़कर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर सहित सर्वज्ञ दीवान, लक्ष्मी नारायण पटेल, प्रह्लाद पटेल और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
गेहूं उपार्जन में मध्यप्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में गेहूं खरीदी के दौरान किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने गेहूं उपार्जन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 13.42 लाख किसानों से 104.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है। किसानों की संख्या के आधार पर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा, जबकि कुल उपार्जन के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचा है।
किसानों को मिला समर्थन मूल्य के साथ बोनस का लाभ
राज्य में 9 अप्रैल से 28 मई तक गेहूं उपार्जन अभियान चलाया गया। किसानों को समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी प्रदान किया गया। इस प्रकार किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया। सरकार द्वारा अब तक किसानों के खातों में 27 हजार 196.48 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।


