मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली दौरे के दौरान वीआईपी काफिला छोड़ जनप्रतिनिधियों के साथ टूरिस्ट बस में सफर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययता और सादगी की सोच को अपनाते हुए जनसेवा और जनता से जुड़ाव का संदेश दिया।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मई को सिंगरौली जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता और सादगी की अपील को व्यवहार में उतारते हुए एक अलग संदेश दिया। सिंगरौली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वीआईपी काफिले का उपयोग नहीं किया और जनप्रतिनिधियों के साथ टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल एनसीएल ग्राउंड पहुंचे। मुख्यमंत्री के इस कदम को लोगों ने सादगी और जनसेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि जनप्रतिनिधि की पहचान केवल सुरक्षा और प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर सेवा करने से होती है।

VIP काफिला छोड़ बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सिंगरौली प्रवास के दौरान सरकारी काफिले को पूरी तरह त्याग दिया। वे अन्य जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के साथ सामान्य बस में यात्रा करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक रामनिवास शाह, विधायक राजेंद्र मेश्राम, विधायक कुंवर सिंह टेकाम, विधायक विश्वामित्र पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि बस में मौजूद रहे। इसके अलावा मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस दौरान साथ रहे।
CM मोहन यादव ने सादगी और जनसेवा का दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सरल और सहज व्यवहार नागरिकों को काफी पसंद आया। बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर उन्होंने यह संदेश दिया कि जनता से जुड़ाव और सेवा भावना ही किसी जनप्रतिनिधि की असली पहचान होती है। मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता आधारित सोच को भी दर्शाता है, जिसमें जनप्रतिनिधियों को सादगी, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जनता के बीच रहकर काम करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने इस व्यवहार के जरिए यह संकेत भी दिया कि सरकार जनता के बीच रहकर काम करने और अनावश्यक दिखावे से बचने की नीति पर आगे बढ़ रही है। सिंगरौली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और नागरिकों ने इसे जनप्रतिनिधियों के लिए सकारात्मक उदाहरण बताया।


