मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव की दुबई में UAE मंत्री से अहम मुलाकात हुई। होटल, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, एविएशन और इंडस्ट्री में निवेश पर चर्चा हुई। जल्द ही दुबई से निवेश दल मध्य प्रदेश आएगा और नए प्रोजेक्ट्स की संभावनाएं तलाशेगा।
मध्य प्रदेश में निवेश की तलाश अब दुबई तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई में यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री से मुलाकात की। बैठक में निवेश के साथ पर्यटन, एविएशन और इंडस्ट्री से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सबसे बड़ी बात यह रही कि UAE की ओर से होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए एक विशेष प्रतिनिधिमंडल जल्द मध्य प्रदेश आने पर सहमत हुआ है।
GIS में UAE की भागीदारी के लिए मिला न्योता
मुख्यमंत्री ने अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री को मध्य प्रदेश में होने वाली आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। निमंत्रण स्वीकार करते हुए UAE मंत्री ने मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाएं देखने के लिए दुबई से निवेश प्रतिनिधिमंडल भेजने की सहमति जताई। सरकार की कोशिश है कि निवेश की बातचीत को केवल बैठक और प्रस्ताव तक सीमित न रखकर उसे जमीन पर उतरने वाली परियोजनाओं से जोड़ा जाए।
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होटल और पर्यटन में क्यों दिख रही बड़ी संभावना?
मध्य प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों और बढ़ते कनेक्टिविटी नेटवर्क के चलते होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश के नए अवसर तलाश रहा है। UAE से आने वाला प्रतिनिधिमंडल इस क्षेत्र की संभावनाओं को करीब से देख सकता है। होटल और पर्यटन में नए निवेश से सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की उम्मीद नहीं होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की निवेश नीतियों, भूमि स्वामित्व से जुड़े नियमों, श्रम सुधारों और विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी साझा की। सरकार ने राज्य में पहले से काम कर रही UAE कंपनियों के अनुभवों का भी उल्लेख किया।
एविएशन कनेक्टिविटी से व्यापार को मिल सकता है नया बूस्ट
बैठक का एक अहम हिस्सा एविएशन भी रहा। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की नई एविएशन पॉलिसी के प्रावधानों पर चर्चा की। अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री, जो UAE की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं, ने मध्य प्रदेश और UAE के बीच एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में सहयोग का भरोसा दिया। अगर इस दिशा में ठोस प्रगति होती है तो इसका असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है।
Hatta Economic Zone से MP क्या सीखना चाहता है?
मध्य प्रदेश सरकार की नजर सिर्फ निवेश हासिल करने पर नहीं, बल्कि UAE के विकास मॉडल से सीखने पर भी है। मुख्यमंत्री ने Hatta Economic Zone Development Project और विशेष औद्योगिक पार्कों के मॉडल की जानकारी ली। मध्य प्रदेश भी आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर और विशेष आर्थिक क्षेत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
बैठक में नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं सामने आईं। दुबई फ्यूचर फाउंडेशन से जुड़े मॉडल पर चर्चा हुई और मध्य प्रदेश में इसी तरह की भविष्योन्मुखी पहल विकसित करने के लिए तकनीकी और रणनीतिक सहयोग की संभावना जताई गई।
अब अगली चुनौती इन चर्चाओं को निवेश और वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की है। दुबई से प्रस्तावित निवेश प्रतिनिधिमंडल का मध्य प्रदेश दौरा इस दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अगर होटल, पर्यटन, एविएशन, खनन, टेक्सटाइल और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं, तो UAE के साथ मध्य प्रदेश की आर्थिक साझेदारी को नई गति मिल सकती है।
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