खून, कट और अकेली रात: जबलपुर में महिला प्रोफेसर की रहस्यमयी मौत! 55 वर्षीय प्रज्ञा अग्रवाल अपने घर में खून से लथपथ मिलीं, गर्दन व कलाई पर कट! आत्महत्या या हत्या? पुलिस जांच में उलझा है पूरा केस… पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

Jabalpur professor murder: मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। गढ़ा क्षेत्र के अंबर बिहार कॉलोनी में रहने वाली 55 वर्षीय महिला प्रोफेसर प्रज्ञा अग्रवाल अपने ही घर में खून से लथपथ हालत में मृत पाई गईं। वह होम साइंस कॉलेज में प्रोफेसर थीं और अविवाहित थीं। उनका भाई भोपाल में रहता है और वे कई वर्षों से अकेले ही रह रही थीं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

घर में बिखरी चुप्पी और खून के धब्बे

पुलिस के अनुसार, जब घर में काम करने वाली महिला रोज़ की तरह सुबह 10 बजे पहुंची, तो दरवाज़ा खुला हुआ मिला। अंदर जाकर उसने जो देखा, वह रूह कंपा देने वाला था। प्रज्ञा अग्रवाल फर्श पर खून में लथपथ पड़ी थीं। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

शरीर पर मिले ज़ख्म, खुदकुशी या हत्या?

मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि प्रज्ञा की दाहिनी कलाई की नस कटी हुई थी और गले पर भी धारदार चीज़ से कट का निशान था, जिससे काफी खून बहा था। पुलिस की शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन महिला के शरीर पर मिले ज़ख्मों की स्थिति कई सवाल खड़े करती है।

जांच में जुटी पुलिस, सबूत खंगाले जा रहे

सीएसपी गढ़ा और एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की सभी संभावनाओं पर जांच जारी है। पुलिस प्रज्ञा के रिश्तेदारों, पड़ोसियों और सहयोगियों से भी पूछताछ कर रही है।

हत्या या आत्महत्या? 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिके हैं जवाब हालांकि शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, परंतु शव की स्थिति और चोटों का प्रकार हत्या की ओर भी इशारा कर रहा है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या किसी गहरी साजिश का हिस्सा। अकेलापन, सामाजिक दूरी या मानसिक अवसाद – इन सभी पहलुओं को पुलिस गंभीरता से जांच रही है।