CM Mohan Yadav Update: क्या अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी महाराणा प्रताप की जीवनी? क्या क्षत्रिय युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती के लिए विशेष प्रशिक्षण मिलेगा? क्या महाराणा प्रताप लोक का काम जल्द पूरा होगा? क्या सरकार गौरवशाली इतिहास को दुनिया तक पहुंचाएगी? भोपाल में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में CM मोहन यादव ने कई बड़ी घोषणाएं कीं।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जून को भोपाल के एमपी नगर में आयोजित महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उनका नाम लेते ही प्रत्येक भारतीय के मन में सम्मान और श्रद्धा का भाव जागृत हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। आज भी उनका जीवन देश की अस्मिता, स्वाभिमान और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए प्रेरणा देता है।
महाराणा प्रताप को बताया स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
डॉ. यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक शासक नहीं थे, बल्कि वे स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया, लेकिन कभी अपने लक्ष्य और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे। उनकी वीरता और पराक्रम आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहस और वीरता किसी भी महान व्यक्तित्व की पहचान होती है और महाराणा प्रताप इन गुणों के सर्वोच्च उदाहरण हैं।
समाज के प्रतिभाशाली लोगों का हुआ सम्मान
सिसोदिया-राजपूत-क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली डॉक्टरों, खिलाड़ियों, युवाओं और समाजसेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया है और इसी बोर्ड के माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पार्थ योजना के तहत युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने सेना और पुलिस बल में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से पार्थ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है।
उन्होंने घोषणा की कि क्षत्रिय समाज के युवाओं को भी इसी योजना के अंतर्गत पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही युवाओं के लिए इंटर्नशिप और समायोजन की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
महाराणा प्रताप लोक निर्माण कार्य जल्द होगा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप लोक निर्माण से जुड़े शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा और इसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम और महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के सहयोग से महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
स्कूलों में पढ़ाई जाएगी महाराणा प्रताप की जीवनी
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने महाराणा प्रताप जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि महाराणा प्रताप की जीवनी और उनके जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को वीरता, राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान के मूल्यों को समझने और अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
भारत के गौरवशाली इतिहास को दुनिया तक पहुंचा रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। राज्य सरकार विरासत से विकास के संकल्प के साथ देश के गौरवशाली इतिहास को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। आज महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के बैनर तले संपूर्ण क्षत्रिय समाज एक मंच पर एकत्र हुआ है, जो सामाजिक एकता का उदाहरण है।
महाराणा प्रताप और चेतक की वीरगाथा आज भी देती है प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का 72 किलोग्राम वजनी कवच और 80 किलोग्राम का भाला उनके असाधारण व्यक्तित्व और शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने हर युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप और उनके प्रिय घोड़े चेतक की कहानियां आज भी लोगों को रोमांचित करती हैं और राष्ट्रभक्ति का संदेश देती हैं।
सम्राट विक्रमादित्य और दुर्गादास राठौर की विरासत को भी मिल रहा संरक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ की स्थापना की है। विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से उनके महान जीवन से लोगों को परिचित कराया जा रहा है। साथ ही युवाओं को सम्राट विक्रमादित्य पर शोध कार्य के लिए फैलोशिप भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में मां क्षिप्रा के तट पर वीर दुर्गादास राठौर का भव्य संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी देश के गौरवशाली इतिहास को करीब से जान सकेगी।
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति की प्रेरणा देते हैं महाराणा प्रताप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करने का जो संकल्प दिया है, उसकी प्रेरणा महाराणा प्रताप के जीवन से मिलती है। उन्होंने जीवनभर अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया। घास की रोटियां खाने जैसी परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी अपने विरोधियों के सामने सिर नहीं झुकाया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और देश के विकास में अपना योगदान दें।


