मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाते हुए निवेशकों से मध्यप्रदेश की ऊर्जा क्रांति में सहभागी बनने का आह्वान किया।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 1 जुलाई को नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसी उद्देश्य से इस प्री-बिड बैठक का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए दौर की शुरुआत कर रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है।

बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव और देश की कई प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
दावोस में किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दावोस में किए गए संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश अब 24 घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना है, जिससे प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।
रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना बनी प्रदेश की सबसे बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में सबसे कम सौर ऊर्जा टैरिफ निर्धारित कर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इसके अलावा शाजापुर और नीमच की सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने 2.14 रुपये प्रति यूनिट का प्रदेश का सबसे कम बिजली टैरिफ हासिल किया, जो इस क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में मुरैना में चार घंटे की ऊर्जा भंडारण (स्टोरेज) परियोजना के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर पर पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किया गया है। यह परियोजना देश की सबसे प्रतिस्पर्धी ऊर्जा भंडारण योजनाओं में शामिल है।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों को मिलेगा पारदर्शी और अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों और कंपनियों को पारदर्शी नीतियां, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश और विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश की ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बनने और राज्य में निवेश करने का आग्रह किया।
हरित ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नई परियोजनाएं शुरू करना नहीं है, बल्कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना के अनुभव और सभी हितधारकों के सहयोग से 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी।
देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों ने लिया बैठक में हिस्सा
नई दिल्ली में आयोजित इस प्री-बिड बैठक में टाटा पावर, रिलायंस एनर्जी, टोरेंट पावर, जिंदल रिन्युएबल, एनटीपीसी, अडानी ग्रीन्स, हिन्दुस्तान पावर, महिंद्रा सिस्टम सहित कई प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


