Dausa News : राजस्थान के दौरा जिले में सैनी समाज ने एक अहम महापंचायत बुलाई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए। गोद भराई रस्म से लेकर शादी में और बर्थडे के जश्न को लेकर नियम बनाए हैं।

दौसा: राजस्थान के सैनी समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम (saini community big decision) उठाते हुए महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। यह महापंचायत महात्मा ज्योतिबा फुले युवा सेवा संस्थान (Mahatma Jyotiba Phule Youth Service Institute) व समाज के नेतृत्व में मानपुर कस्बे में आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता सैनी समाज जिलाध्यक्ष रघुनाथ सैनी ने की, जबकि सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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सैनी समाज महापंचायत: बदलेगा इतिहास या परंपराओं की बेड़ियां?

बदलाव की नई इबारत! समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से इस महापंचायत में कई कड़े फैसले लिए गए, जिनका उद्देश्य आर्थिक बोझ को कम करना और सादगी को बढ़ावा देना है। पंच-पटेलों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो संबंधित गांव के पंच-पटेल उस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। यदि पंचायत स्वयं इन नियमों को लागू करवाने में असमर्थ रहती है, तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शादी-ब्याह और संस्कारों में लिए गए यह अहम फैसले 

  • गोद भराई रस्म पूर्ण रूप से समाप्त। अब सिर्फ 11 लोगों की मौजूदगी में सादगी से शादी तय होगी।
  • टीका प्रथा पर पूरी तरह रोक। शादी में सिर्फ 21 लोग ही लग्न में जा सकेंगे।
  • बर्थडे सेलिब्रेशन खत्म। जन्मदिन मनाने पर सख्त पाबंदी होगी।
  • डीजे और बैंड-बाजे पर रोक। दूल्हे की बारात में शोर-शराबा नहीं होगा।
  • निमंत्रण पत्र सिर्फ डिजिटल माध्यम से भेजे जाएंगे।
  • मृत्यु भोज पूरी तरह प्रतिबंधित। पगड़ी रस्म में सिर्फ 1 रुपये का प्रतीकात्मक आदान-प्रदान होगा।
  • किन्नर समाज को केवल ₹1100 देने की बाध्यता।

नए फैसले: परंपरा का अंत या नई शुरुआत? 

इन निर्णयों को लेकर समाज के अलग-अलग वर्गों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह समाज में व्याप्त आर्थिक असमानता को दूर करेगा, वहीं कुछ इसे संस्कृति पर प्रहार बता रहे है।