राजस्थान के जालोर जिले में सांचौर क्षेत्र का एक किसान रातोंरात लखपति बन गया। उसकी तकदीर ही बदल गई। लेकिन उसने ऐसी फसल उगाई थी कि जिसे देखकर पूरे गांव के होश उड़ गए। पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया।

जालोर. राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र में एक ऐसा रहस्य उजागर हुआ, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। यहां एक साधारण किसान की रातोंरात बदली तकदीर ने पुलिस के संदेह को जन्म दिया। जब इस किसान के ऐशो-आराम की खबर मुखबिरों तक पहुंची, तो पुलिस ने छानबीन शुरू की, और जो सामने आया, वह किसी फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं था।

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फलदार पौधों की आड़ में खड़ा था नशे का साम्राज्य

 पुलिस टीम जब खेतों की ओर बढ़ी, तो वहां आम, अनार और चीकू के हरे-भरे पेड़ लहलहा रहे थे। पहली नजर में यह एक आम किसान का साधारण बागान लगा, लेकिन जैसे ही पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की, सच्चाई कुछ और ही निकली। फलों के पेड़ों के बीच छुपा कर उगाए गए थे 3600 अफीम के पौधे! जिनमें से कई पौधों पर डोडे भी लगे हुए थे।

कौन है इस गुप्त खेती का मास्टरमाइंड

 बड़े नेटवर्क की तलाश जारी कार्रवाई के दौरान कमलेश दरजी नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो इस गुप्त खेती का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसके खेत से 3540 गीले डोडा पोस्त भी बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की कीमत हो सकती है।

कौन-कौन इस नेटवर्क में शामिल

लंबे समय से चल रहा था अवैध धंधा पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी बिना किसी अनुमति के लंबे समय से अफीम की खेती कर रहा था। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि यह नशा कहां बेचा जाता था और कौन-कौन इस नेटवर्क में शामिल है। पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव और एएसपी कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में सांचौर थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह ने इस गुप्त धंधे का पर्दाफाश किया।

जालौर के पूरे इलाके में चल रहा सर्च ऑपरेशन

 इस खुलासे के बाद पुलिस को शक है कि क्षेत्र में और भी लोग इस अवैध खेती में शामिल हो सकते हैं। अब पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि नशे के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी को इस तरह की अवैध गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।