कोटा में एक और छात्र ने आत्महत्या की। जेईई की तैयारी कर रहे उज्जवल मिश्रा तनाव में थे। इस साल यह 10वीं घटना है, जो चिंताजनक है।

कोटा (राजस्थान). कोचिंग नगरी कोटा में रविवार को एक और दुखद घटना सामने आई, जब जेईई की तैयारी कर रहे एक छात्र ने कथित तौर पर तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र की पहचान उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी उज्जवल मिश्रा के रूप में हुई है, जो पिछले दो साल से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

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कोटा की पटरियों पर कूछ पड़ा छात्र

पुलिस के अनुसार, उज्जवल ने रविवार शाम को ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उज्जवल के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है, और वे कोटा के लिए रवाना हो गए हैं।

2 अप्रैल को जेईई एडवांस की परीक्षा देने वाला था

उज्जवल के पिता दीपक मिश्रा ने बताया कि उज्जवल 2 अप्रैल को जेईई एडवांस की परीक्षा देने वाला था, जिसका सेंटर कानपुर था। उन्होंने कहा कि उज्जवल पढ़ाई को लेकर थोड़ा तनाव में था, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।

कोटा में इस साल यह 10वीं घटना…

यह घटना कोटा में कोचिंग छात्रों की आत्महत्याओं की एक दुखद श्रृंखला में नवीनतम है। इस साल यह 10वीं घटना है, जबकि पिछले साल 26 छात्रों ने आत्महत्या की थी। छात्रों की आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या ने कोचिंग संस्थानों और प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर कोटा में कोचिंग छात्रों पर बढ़ते दबाव और तनाव को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव, माता-पिता की अपेक्षाएं और प्रतिस्पर्धा का डर उन्हें इस तरह के चरम कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

कोटा भेजने से कतरा रहे अभिवावक

कोटा प्रशासन ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन आत्महत्याओं की संख्या में कमी नहीं आ रही है। इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और प्रशासन को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और उन्हें सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया है।