अगर हमारा शरीर स्वस्थ नहीं रह पाता तो हम किसी भी काम को बेहतर तरीके से नहीं कर सकते। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर में कोई दिक्कत हो और फिर भी कोई ऐसा काम कर जाए कि वह हर आदमी के लिए मिसाल बन जाए।

Rajasthan Boy Clear Neet Exam: अगर हमारा शरीर स्वस्थ नहीं रह पाता तो हम किसी भी काम को बेहतर तरीके से नहीं कर सकते। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर में कोई दिक्कत हो और फिर भी कोई ऐसा काम कर जाए कि वह हर आदमी के लिए मिसाल बन जाए। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजस्थान में दिव्यांश सांगवान ने, जिन्होंने हाल ही में जारी हुए नीट एग्जाम के रिजल्ट में 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि उनके फेफड़ों में खराबी है लेकिन इसके बाद भी आज उन्होंने यह सफलता हासिल की है।

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दिव्यांश फिलहा न्यूमोथोरैक्स बीमारी से जूझ रहे हैं। वह कोटा से में 2 साल से कोचिंग कर रहे थे। उनके पिताजी जितेंद्र भारतीय सेना में नायब सूबेदार है। थोड़े दिन पहले ही इनके फेफड़ों की बीमारी ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में ढाई महीने तक इनको रोजाना अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ते। इतना ही नहीं उनके दो ऑपरेशन भी हुए और इसी दौरान इन्हें डेंगू भी हुआ। लेकिन हर मुश्किल के आगे सैनिक के बेटे ने फौलादी हौसले के साथ डटकर मुकाबला किया।

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मजबूत इच्छा शक्ति के बदौलत हासिल किया मुकाम

राजस्थान में दिव्यांश सांगवान का कहना है कि हमेशा से उनकी इच्छा थी कि पिता की तरह देश सेवा में नौकरी करना चाहते हैं। ऐसे में पहले उन्होंने NDA में जाने का मन बनाया। लेकिन पिता चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने। इसके बाद MBBS करने की सोची।

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