राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी रंधावा ने जयपुर में युवा कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि वंशवाद से ऊपर उठकर इस बार कार्यकर्ता के काम को देखकर टिकट दिया जाएगा। 

जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा आज जयपुर में आयोजित युवा कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुआ। कार्यक्रम में उन्होंने वंशवाद को लेकर जो बयान दिए वह काफी तीखे और सख्त थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए कहा कि वंशवाद उनके यहां चलता होगा, कांग्रेस में ये नहीं चलता। राजस्थान में अगर वंशवाद चलेगा तो युवा कार्यकर्ता कहां जाएगा। क्या वह हमेशा के लिए कार्यकर्ता ही बना रहेगा।

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रंधावा ने कहा कि हमने टिकट के लिए जो सर्वे कराया और जो एप्लीकेशन मांगी उनमें बहुत से नेताओं ने खुद चुनाव लड़ने में असमर्थता जाहिर की है, लेकिन उन्होंने अपनी जगह बेटे बहु या परिवार के अन्य सदस्यों को टिकट देने के लिए नहीं कहा है।

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रंधावा ने युवाओं को रिझाया
उन्होंने कहा कि अगर सब नेता लोग ही अपने और परिवार के लोगों के नाम सामने रख देंगे तो कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता कहां जाएंगे।‌ वह हमेशा के लिए कार्यकर्ता थोड़े ही बने रहेंगे। वरिष्ठ नेता खुद आगे आएं और अपना पद छोड़ दें फिर पार्टी अपने आप देख लेगी कि उन्हें टिकट किसको देना है। रंधावा ने कहा कि युवा कार्यकर्ता कांग्रेस का साथ तभी देगा जब उसे लगेगा कि पार्टी में उसका भी भविष्य है।भविष्य हमेशा कार्यकर्ता बने रहने में नहीं है। वह पार्टी के लिए तैयार रहता है तो तो पार्टी भी उसके लिए आगे बढ़कर कुछ करती है।

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बेटा-बेटी को प्रमोट करने से बचें नेता
रंधावा ने खुद के लिए कहा कि उनके पिता भी नेता रहे, लेकिन उन्होंने कभी मुझे प्रमोट नहीं किया।‌ मैं खुद अपने स्तर पर आगे बढ़ा और अब मैं भी अपने बेटे को कहीं प्रमोट नहीं कर रहा हूं।‌ वह चाहे तो कि पार्टी ज्वाइन कर सकता है और चाहे तो कुछ अन्य काम देख सकता है।‌ उन्होंने कहा कि कई नेता पद पर हैं।‌ उनके बेटे अध्यक्ष हैं।‌ बेटी बड़े पद पर है।‌ अगर सब कुछ एक ही परिवार को मिल जाएगा तो बाकी के कार्यकर्ता कहां जाएंगे।

सुखजिंदर सिंह रंधावा के इन बयानों के बाद युवा कार्यकर्ताओं में टिकट मिलने की आस जगी है। पार्टी के बड़े नेताओं ने यह तय कर दिया है कि टिकट देने का क्या क्राइटेरिया रखा जा रहा है। सुखजिंदर सिंह रंधावा के इन बयानों के बाद कई नेता पुत्रों और पुत्रियो का टिकट कटना तय है।