UP Defence Industrial Corridor : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 562 करोड़ रुपये का निवेश कर राडार और एयर डिफेंस सिस्टम बनाने की यूनिट लगाएगी। इससे 300 से ज्यादा रोजगार के अवसर बनेंगे और बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को Bharat Electronics Limited (BEL) को उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में 75 हेक्टेयर जमीन का आवंटन पत्र सौंपा। यह फैसला बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है।

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सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न सिर्फ रक्षा उत्पादन को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

चित्रकूट में बनेगा हाई-टेक रक्षा निर्माण केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट नोड में BEL करीब ₹562.5 करोड़ का निवेश कर एक आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगा। इस इकाई में राडार और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरण बनाए जाएंगे। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के लिए रणनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि चित्रकूट की लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी इसे रक्षा उत्पादन के लिए उपयुक्त बनाती है।

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300 से ज्यादा युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार

सरकार के मुताबिक इस परियोजना से 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा सप्लाई चेन, छोटे उद्योग और अन्य सहायक क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बुंदेलखंड के युवाओं को नौकरी के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत कम होगी।

बुंदेलखंड में बढ़ेगा औद्योगिक आधार

चित्रकूट अब तक अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन इस नई परियोजना के साथ अब यह इलाका रक्षा निर्माण के एक उभरते केंद्र के रूप में भी सामने आ सकता है। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं से बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मिलेगी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देगी और विदेशों से आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। साथ ही इससे MSME सेक्टर को भी फायदा होगा, क्योंकि बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के साथ छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी नए अवसर बनते हैं।

तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा

BEL की इस नई यूनिट के साथ क्षेत्र में नई तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रदेश में एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिफेंस कॉरिडोर की अन्य परियोजनाएं भी इसी तरह आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

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