Israel Hezbollah Attack Lebanon: लेबनान में इजराइल ने बड़ा सैन्य हमला करते हुए 10 मिनट में 100 से ज्यादा हिज्बुल्लाह ठिकानों को निशाना बनाया। बेरूत समेत कई इलाकों में जोरदार धमाके हुए। इस संघर्ष में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं।
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच लेबनान में हालात अचानक और गंभीर हो गए हैं। इजराइल ने बुधवार को लेबनान में एक साथ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मौजूदा युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित हमला माना जा रहा है। इजराइली सेना ने महज 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया।
इन हमलों ने बेरूत समेत दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी के कई इलाकों को हिला कर रख दिया। शहर के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में काला धुआं उठता दिखाई दिया।
रिहायशी इलाकों में भी हमले
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल ने बेरूत के व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया। कई जगहों पर अचानक हुए हमलों से अफरा-तफरी मच गई। एक अपार्टमेंट बिल्डिंग के भी हमले की चपेट में आने की खबर है। धमाकों के बाद एंबुलेंस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बचावकर्मी जली हुई गाड़ियों और क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच लोगों को खोजने में जुटे रहे। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इन हमलों में कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं।
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ईरान के साथ सीजफायर, लेकिन लेबनान पर हमले जारी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच जो सीजफायर हुआ है, वह लेबनान पर लागू नहीं होता। इजराइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्रई ने भी बयान जारी कर कहा कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। उनके मुताबिक, लेबनान में लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और सीजफायर की शर्तें यहां लागू नहीं होतीं।
हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
इजराइली सेना का कहना है कि इन हमलों में मिसाइल लॉन्चर, कमांड सेंटर और खुफिया ढांचे को निशाना बनाया गया है। सेना का आरोप है कि हिज्बुल्लाह अपने सैन्य ढांचे को रिहायशी इलाकों में छिपाकर रखता है, जिससे आम नागरिकों को भी खतरा बढ़ जाता है। इजराइल ने लेबनान सरकार और नागरिकों से अपील की है कि वे हिज्बुल्लाह को नागरिक इलाकों में अपने ठिकाने बनाने से रोकें।
2 मार्च से जारी है संघर्ष
इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच मौजूदा संघर्ष 2 मार्च से तेज हुआ है। तब से इजराइल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई इलाकों में लगातार हमले किए हैं। हालांकि केंद्रीय बेरूत पर हमला कम ही किया गया था, लेकिन इस बार वहां भी बड़े हमले हुए हैं।
मिसाइल हमलों के बाद बढ़ा तनाव
यह संघर्ष तब और बढ़ गया जब हिज्बुल्लाह ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद मिसाइल दागे। इसके जवाब में इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार इस संघर्ष में अब तक लेबनान में 1,530 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 100 से ज्यादा महिलाएं और करीब 130 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
घर लौटने की उम्मीद टूटी
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की खबर आने के बाद लेबनान के कई विस्थापित परिवार अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। बेरूत और सैदोन जैसे शहरों में लोगों ने राहत की उम्मीद जताई थी। लेकिन इजराइल की नई सैन्य कार्रवाई के ऐलान के बाद हालात फिर बदल गए। 35 वर्षीय फादी जायदान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार के साथ टेंट में रहना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि अब घर लौटने का डर भी है, क्योंकि वहां भी हमलों का खतरा बना हुआ है।
दुनिया की बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव कम होगा या और ज्यादा भड़क सकता है।
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