सीएम युवा योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा स्टार्टअप स्थापित हुए हैं। इससे युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला है। फूड, डिजिटल और सर्विस सेक्टर में तेजी से ग्रोथ देखी जा रही है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में इनोवेशन आधारित स्टार्टअप तेजी से विकसित हो रहे हैं। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है और वे खुद भी रोजगार देने वाले बन रहे हैं।
अब तक इस योजना के तहत 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में उद्यमिता को लेकर आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि युवा पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर आधुनिक और नए क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
सीएम युवा योजना लक्ष्य 2026: 25% इनोवेटिव स्टार्टअप बढ़ाने का टारगेट
सीएम युवा योजना के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, इस योजना ने रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की है और उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक स्थापित कुल उद्यमों में करीब 10% इनोवेटिव मॉडल पर आधारित हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार, मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस आंकड़े को बढ़ाकर 25% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं के पसंदीदा स्टार्टअप सेक्टर: फूड, डिजिटल और सर्विस बिजनेस आगे
अगर सेक्टर के हिसाब से देखें तो फूड और रेस्टोरेंट बिजनेस युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां 763 उद्यम स्थापित हुए हैं।
इसके अलावा अन्य लोकप्रिय सेक्टर इस प्रकार हैं:
- कंप्यूटर ट्रेनिंग: 370 उद्यम
- पैथोलॉजी सैंपलिंग: 260
- फास्ट फूड: 253
- फ्रेंचाइजी मॉडल: 253
- ऑनलाइन टीचिंग: 189
वहीं नए और उभरते क्षेत्रों में भी युवाओं की रुचि बढ़ रही है:
- जिम: 170
- मोबाइल आईटी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म: 120
- ट्रैवल एंड टूरिज्म: 117
- क्लाउड किचन: 117
जिला वार प्रदर्शन: लखनऊ, आजमगढ़ और हरदोई बने टॉप स्टार्टअप हब
जनपदवार आंकड़ों पर नजर डालें तो लखनऊ 287 उद्यमों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद:
- आजमगढ़: 286
- हरदोई: 262
- जौनपुर : लगभग 250
- अंबेडकर नगर: 241
- कानपुर: 236
- वाराणसी: 229
- रायबरेली: 225
- बरेली: 208
- फिरोजाबाद : 197
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है।
बैंकों की भूमिका: स्टार्टअप को मिला मजबूत वित्तीय सहयोग
इस स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में बैंकों की भूमिका बेहद अहम रही है।
- उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक: 2133 उद्यमों को ऋण
- एसबीआई: 1549
- बैंक ऑफ बड़ौदा: 1170
- पंजाब नेशनल बैंक: 1018
- बैंक ऑफ इंडिया: 774
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 589
- केनरा बैंक: 585
- इंडियन बैंक: 573
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 399
- यूको बैंक: 182
इन बैंकों ने युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


