उत्तर प्रदेश ने जेम पोर्टल के जरिए 22,337 करोड़ की खरीद कर देश में पहला स्थान हासिल किया। MSME की भागीदारी बढ़ी, 9700 करोड़ की बचत हुई और पारदर्शी प्रक्रिया से शिकायतों में 80% की कमी दर्ज की गई।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेम (GeM) पोर्टल पर उत्तर प्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए शासकीय क्रय और 26 नवंबर 2024 को लागू जेम क्रय नीति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम नीति की सराहना करते हुए इसे आदर्श मॉडल बताया है और अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने की सलाह दी है।

जेम नीति से बढ़ी पारदर्शिता, शुचिता और समावेशिता

समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस नीति के लागू होने से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, शुचिता और समावेशिता में बड़ा सुधार हुआ है। इसका परिणाम यह हुआ कि राज्य सरकार को आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तर पर लाभ मिल रहा है।

22,337 करोड़ की खरीद: यूपी बना देश में अग्रणी

मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश जेम पोर्टल पर खरीद के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने जेम पोर्टल के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की खरीद की, जो पारदर्शी प्रणाली का प्रमाण है।

MSME और स्थानीय उद्योगों को बड़ा लाभ

जेम पोर्टल के जरिए सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSME) की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इनका योगदान 43 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। इसमें उत्तर प्रदेश के स्थानीय MSME का योगदान 82 प्रतिशत तक पहुंचा है, जिससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिली है।

रिवर्स ऑक्शन से 9700 करोड़ की बचत

जेम पोर्टल की रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से राज्य सरकार को 9700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। यह सरकारी खर्च में पारदर्शिता और दक्षता का बड़ा उदाहरण है।

महिला, एससी-एसटी और स्टार्टअप उद्यमियों को बढ़ावा

इस नीति से विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को भी बड़ा लाभ मिला है:

  • महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44% वृद्धि
  • एससी-एसटी उद्यमियों में 48% वृद्धि
  • स्टार्टअप्स के व्यवसाय में 50% वृद्धि

यह समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिकायतों में 80% से अधिक की कमी

पारदर्शी खरीद प्रणाली के कारण सरकारी क्रय से जुड़ी शिकायतों में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। इससे प्रक्रिया तेज, सरल और प्रभावी बनी है।

यूपी के विक्रेताओं को 42,648 करोड़ का व्यवसाय

बेहतर जेम प्रणाली के चलते उत्तर प्रदेश के विक्रेताओं को कुल 42,648 करोड़ रुपये का व्यवसाय मिला। इसमें से 15,617 करोड़ रुपये का व्यवसाय राज्य के भीतर मिला, जबकि 27,000 करोड़ से अधिक का व्यापार केंद्र सरकार और अन्य राज्यों से प्राप्त हुआ। यह यूपी के विक्रेताओं की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।

अन्य विभागों को भी जेम पोर्टल अपनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद को अनिवार्य रूप से अपनाएं। उन्होंने जेम पोर्टल को कोषागार से जोड़ने और पद आधारित स्थायी क्रय समिति बनाने के निर्देश दिए, ताकि प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तेज हो सके।