उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 9 वर्षों में ईज ऑफ लिविंग में बड़ा सुधार हुआ है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलीं और प्रदेश तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में सुशासन (गुड गवर्नेंस) को केंद्र में रखकर ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने पर व्यापक काम किया गया है। सरकारी योजनाओं की प्रगति और आंकड़े बताते हैं कि अब प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए लोगों को बाहर जाने की जरूरत कम हुई है। पारदर्शी व्यवस्था और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से यूपी अब एक मजबूत, आत्मनिर्भर और तेजी से विकसित होता राज्य बन रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: मेडिकल कॉलेज और आयुष्मान योजना
स्वास्थ्य क्षेत्र में 2017 के बाद बड़ा विस्तार हुआ है।
- सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई
- ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ योजना तेजी से लागू
- 13,600 एमबीबीएस और 6,866 पीजी सीटों पर प्रवेश
आयुष्मान भारत योजना के तहत 5.64 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड दिया गया है, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।
शिक्षा में सुधार: ऑपरेशन कायाकल्प और डिजिटल पढ़ाई
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
- ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 1.32 लाख से ज्यादा स्कूलों में 19 बुनियादी सुविधाएं
- 1.30 करोड़ छात्रों को DBT के जरिए यूनिफॉर्म, जूते, बैग के लिए पैसा
- हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ICT लैब
इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिला है।
कौशल विकास और रोजगार: युवाओं को मिल रहे अवसर
कौशल विकास के क्षेत्र में भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
- UPSDM के तहत 26 लाख युवाओं को प्रशिक्षण
- ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना से कारीगरों को रोजगार
इन योजनाओं से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: करोड़ों लोगों को लाभ
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने लोगों के जीवन में स्थिरता लाई है।
- 67.50 लाख वृद्धजन
- 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं
- 11.57 लाख दिव्यांगजन
पेंशन राशि ₹300 से बढ़ाकर ₹1000 की गई और अप्रैल 2026 से ₹1500 होगी।
इसके अलावा:
- 62 लाख से ज्यादा घर गरीबों को मिले
- 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन
- 1.86 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन
DBT के जरिए 31 विभागों की 191 योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
महिला सशक्तीकरण: योजनाओं से बढ़ी भागीदारी
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं लागू की गईं:
- 26.81 लाख बेटियां कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित
- 60 लाख माताएं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जुड़ी
- 5.20 लाख बेटियों का सामूहिक विवाह
ग्रामीण आजीविका मिशन से 1.06 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 18.55 लाख महिलाएं ‘लखपति’ बन चुकी हैं।
डिजिटल गवर्नेंस: सेवाएं हुईं आसान
डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है।
- ई-साथी ऐप पर 24 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन
- 2066 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी
- प्रोजेक्ट गंगा के तहत 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड
इससे करीब 10 हजार रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।
ईज ऑफ लिविंग में आगे बढ़ता उत्तर प्रदेश
योगी सरकार के 9 वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और डिजिटल सेवाओं में सुधार से उत्तर प्रदेश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ बेहतर हुआ है। इन प्रयासों ने प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनने की दिशा में मजबूत बनाया है।


