उत्तर प्रदेश में विधवा पेंशन योजना के तहत 40.32 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार 1000 रुपये की राशि चार किस्तों में DBT के जरिए सीधे खातों में भेज रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाना है। इसी दिशा में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना एक अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के जरिए प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में मदद मिल रही है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

विधवा पेंशन योजना 2026: 40 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहा लाभ

योगी सरकार इस योजना के माध्यम से उन महिलाओं तक सीधे आर्थिक मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत अब तक 40,32,629 महिलाओं को लाभ मिल चुका है।

अगर आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2016-17 से पहले लगभग 17.31 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 40.32 लाख से अधिक हो गई है। यह दिखाता है कि सरकार लगातार ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को इस योजना से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

चार किस्तों में मिलती है पेंशन राशि: DBT और PFMS से सीधे खाते में ट्रांसफर

इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को सालभर में चार किस्तों में पेंशन दी जाती है। हर तीन महीने की राशि एक साथ उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। किस्तों का विवरण इस प्रकार है:

  • अप्रैल, मई, जून
  • जुलाई, अगस्त, सितंबर
  • अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर
  • जनवरी, फरवरी, मार्च

साल 2021 में सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेंशन राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS (Public Financial Management System) के जरिए ट्रांसफर की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।

विधवा पेंशन योजना पात्रता 2026: किन महिलाओं को मिलेगा लाभ

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को दिया जाता है जो निर्धारित पात्रता को पूरा करती हैं। पात्रता के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • महिला उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हो
  • महिला के पति का निधन हो चुका हो
  • महिला की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो
  • परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो

सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित न रहे।

महिला आत्मनिर्भरता और सम्मान: सरकार का मुख्य उद्देश्य

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।