योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा उत्तर प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनी है। रिस्पांस टाइम घटकर 7 मिनट हुआ है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है और यूपी देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा (मदर एंड चाइल्ड सर्विसेस) गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। पहले समय पर इलाज और अस्पताल तक पहुंच न मिलने के कारण गर्भवती महिलाओं की जान जोखिम में पड़ जाती थी। लेकिन योगी सरकार ने 102 एंबुलेंस सेवा को मजबूत बनाकर मातृ मृत्यु अनुपात को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सरकार के लगातार प्रयासों का असर यह है कि अब 102 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम घटकर केवल 7 मिनट रह गया है। यानी किसी भी आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को सात मिनट के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। रिस्पांस टाइम के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
2,270 एंबुलेंस से रोजाना 40 हजार से अधिक जच्चा-बच्चा को मिल रही मदद
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृ मृत्यु अनुपात कम करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों को मजबूत किया, वहीं 102 एंबुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए भी लगातार काम किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 102 एंबुलेंस सेवा का औसत रिस्पांस टाइम 7:06 मिनट है, जबकि वर्ष 2016 में यह 11:28 मिनट था। यह सुधार अचानक नहीं हुआ, बल्कि पिछले नौ वर्षों में सरकार द्वारा किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम है।
पुरानी एंबुलेंस हटाकर जोड़ी गई नई तकनीक से लैस गाड़ियां
102 एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने वर्ष 2019 और 2023 में पुरानी और खराब हो चुकी एंबुलेंस को हटाकर नई तकनीक से लैस एंबुलेंस खरीदीं। सरकार ने 2019 में 1,554 और 2023 में 674 पुरानी एंबुलेंस को बदलकर नई आधुनिक एंबुलेंस सेवा शुरू की। इसके अलावा सेवा को और मजबूत करने के लिए 306 अतिरिक्त नई एंबुलेंस भी शामिल की गईं।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 2,270 एंबुलेंस सेवा 102 के तहत संचालित हो रही हैं। इन एंबुलेंस के जरिए प्रदेश में हर दिन औसतन 40,524 गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को सहायता प्रदान की जा रही है।
बेहतर एंबुलेंस सेवा से मातृ मृत्यु अनुपात में आई कमी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि 102 एंबुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम में कमी आने का सीधा असर मातृ मृत्यु अनुपात में गिरावट के रूप में दिखाई दिया है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे (एसआरएस) के अनुसार, वर्ष 2015-17 में उत्तर प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात 216 प्रति लाख था, जो घटकर वर्ष 2021-23 में 141 प्रति लाख रह गया है। इसे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार माना जा रहा है।
पूरे देश में सबसे कम रिस्पांस टाइम वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश
मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी और योजनाओं के कारण हर साल एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम बेहतर होता गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में एंबुलेंस सेवा 102 का रिस्पांस टाइम 11:28 मिनट था। वर्ष 2017 में यह 12:01 मिनट और वर्ष 2018 में 11:21 मिनट दर्ज किया गया।
कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में रिस्पांस टाइम 13:42 मिनट और वर्ष 2021 में 12:02 मिनट रहा। इसके बाद सेवा में तेजी से सुधार हुआ और वर्ष 2022 में रिस्पांस टाइम 7:01 मिनट तथा वर्ष 2023 में 7:02 मिनट दर्ज किया गया। वर्तमान में यह 7:06 मिनट है। सबसे खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे अधिक 25.74 करोड़ आबादी वाला राज्य होने के बावजूद एंबुलेंस सेवा के सबसे कम रिस्पांस टाइम के साथ पूरे देश में पहले स्थान पर है।
राजस्थान और केरल से भी आगे निकला उत्तर प्रदेश
रिस्पांस टाइम के मामले में उत्तर प्रदेश ने दूसरे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश 7:06 मिनट के रिस्पांस टाइम के साथ देश में पहले स्थान पर है। वहीं राजस्थान 7:57 मिनट के साथ दूसरे और केरल 10:45 मिनट के साथ तीसरे स्थान पर है। यह उपलब्धि योगी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।


