वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि 19 मई, बुधवार को शुरू होगी और अगले दिन यानी 20 मई, गुरुवार तक रहेगी। देवी पुराण में बताया गया है कि इस तिथि पर अपराजिता रूप में देवी की पूजा करने से हर तरह की परेशानियां और बीमारियां दूर होती हैं।

उज्जैन. वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि 19 मई, बुधवार को शुरू होगी और अगले दिन यानी 20 मई, गुरुवार तक रहेगी। देवी पुराण में बताया गया है कि इस तिथि पर अपराजिता रूप में देवी की पूजा करने से हर तरह की परेशानियां और बीमारियां दूर होती हैं। अष्टमी तिथि 2 दिन होने से ये व्रत बुधवार तो कुछ जगह गुरुवार को भी किया जाएगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अष्टमी तिथि 19 और 20 मई को
वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि बुधवार को दोपहर लगभग 1 बजे शुरू होगी। इसके बाद गुरुवार को दोपहर में अष्टमी तिथि खत्म होगी। 20 मई को सूर्योदय से करीब आधे दिन तक अष्टमी तिथि होने से इस दिन ही व्रत और पूजा की जानी चाहिए।

अष्टमी तिथि शुरू: 19 मई, गुरुवार दोपहर 1 बजे से
अष्टमी तिथि खत्म: 20 मई, शुक्रवार दोपहर 12.30 पर

कपूर के जल से करें देवी अपराजिता का अभिषेक
हर महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी व्रत करने का विधान है। इस बार 19 और 20 मई को वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि पर श्री दुर्गाष्टमी का व्रत किया जायेगा। ग्रंथों में वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन मां दुर्गा के अपराजिता रूप की प्रतिमा को कपूर और जटामासी युक्त जल से स्नान कराने का महत्व है।

बगलामुखी प्राकट्य दिवस
वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी बगलामुखी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। इनकी उत्पत्ति सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से माना जाता है। मां बगलामुखी को शत्रुनाश की देवी भी कहा जाता है। इनकी नजरों से कोई शत्रु नहीं बच सकता। अतः मां बगलामुखी की पूजा शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिये, किसी को अपने वश में करने के लिये और अपने कार्यों में जीत हासिल करने के लिये, खासकर कि कोर्ट-कचहरी से संबंधित कार्यों में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिये रामबाण है।

ज्योतिषीय उपायों के बारे में ये भी पढ़ें

लाल किताब के ये छोटे-छोटे आसान उपाय छुटकारा दिला सकते हैं आपको बीमारियों से

जन्म कुंडली में है अल्पायु योग तो करें ये उपाय, बच सकते हैं अकाल मृत्यु से

आटे के इन 4 उपायों से दूर हो सकती है पैसों से जुड़ी परेशानी और जीवन में आती है सुख-समृद्धि

लाल किताब: शुक्र के कारण जीवन में मिलती है सुख-सुविधाएं, इसे मजबूत करने के लिए करें ये उपाय

लाल किताब: कर्ज से छुटकारा पाने और धन लाभ के लिए करें इन 3 में से कोई 1 उपाय