उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से कहा गया है कि सोनभद्र जिलाधिकारी टीके शिबू के विरुद्ध जिले में खनन और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी। इसके अलावा इनके खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी करप्शन करने की शिकायत की थी।

सोनभद्र: सीएम योगी ने जीरे टॉलरेंस की नीति के बड़ा एक्शन लिया है। खनन और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार व यूपी चुनाव के दौरान लापरवाही के आरोपों पर सोनभद्र के जिलाधिकारी टीके शिबू को निलंबित कर दिया गया है। उनकी जगह जल्द ही नए जिलाधिकारी की नियुक्ति होगी। आरोपों की जांच वाराणसी मंडल के आयुक्त को सौंपी गई है।

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डीएम के ऊपर बैठाई गई विभागीय जांच 
2012 बैच के आईएएस अधिकारी टीके शिबू के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व की भांति ही भष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति इस कार्यकाल में भी सक्ती से लागू रहेगी। इस कार्रवाई के बाद डीएम के ऊपर विभागीय जांच बैठा दी गई है। वाराणसी के कमिश्नर को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।

चुनाव के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान भी जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में भी उन्होंने लापरवाही बरती थी। पोस्टल बैलेट पेपर सील नहीं किया गया जिसके कारण पूरे जिले का मतदान निरस्त करने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

टी के शिबू के खिलाफ खनन, जिला न्यास समिति और अन्य निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत मिल रही थीं। यूपी विधानसभा चुनाव में जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में लापरवाही के कारण पूरे जिले का दोबारा मतदान कराने स्थिति हो जाने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं टी के शिबू को राजस्व परिषद कार्यालय लखनऊ से सम्बद्घ कर दिया गया है।

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