यूपी के जिले महराजगंज में शिक्षा को बेहतर करने के लिए दो टीचर्स ने नया तरीका निकाला है। केबीसी जैसी हॉट सीट पर बच्चों को बैठाकर सवाल-जवाब किए जाते हैं। इससे बच्चों का उत्साह बढ़ने के साथ-साथ पुरस्कार के तौर में धनराशि जीतते हैं। 

महराजगंज: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधार में लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई प्रयास करते रहते थे। इसके अलावा टीचर्स भी अपनी ओर से काफी योगदान देते रहते है। कुछ ऐसा ही अनोखा प्रयास राज्य के महराजगंज के जिले एक सरकारी स्कूल के शिक्षकों द्वारा देखा जा रहा है। यहां पर शिक्षक बच्चों को मशहूर टीवी सीरियल कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर हॉट सीट पर बैठाकर उनसे सब्जेक्ट व जनरल नॉलेज के सवाल पूछते हैं। कौन बनेगा करोड़पति की जगह कौन बनेगा सैकड़ापति का खेल चलता रहता है, जिसमें बच्चे खेल-खेल में काफी कुछ सीख जाते है और सही जवाब बताने पर 10 से 100 तक की धनराशि भी देते हैं।

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साल 2021 में शुरू हुआ था यह स्कूल
जानकारी के अनुसार यह स्कूल शहर के निचलौल तहसील क्षेत्र के जंगल किनारे बसे रौतार गांव में है। साल 2018 में पूर्व प्राथमिक स्कूल का भवन बनकर तैयार हुआ और कोरोना की लहर की वजह से लॉकडाउन हो गया। उसके बाद साल 2021 में इस स्कूल को शुरू किया गया। तभी यहां पर दो टीचर्स जावेद आलम और सुमित कुमार पटेल की तैनाती हुई। शिक्षा को बेहतर करने के प्रयास दोनों शिक्षकों ने किया। टीचर्स ने जंगल से सटे पिछड़े इलाके में स्थित स्कूल के बच्चों को कुछ नए प्रयोग के माध्यम से पढ़ाने और सिखाने के बारे में सोचा। जावेद और सुमित ने मिलकर नए-नए प्रयोग किए। कॉमेडी, खेल-खेल में केबीसी की तर्ज पर कौन बनेगा सैकड़ापति के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास शुरू किया। 

जिलाधिकारी ने दोनों शिक्षकों की मेहनत को सराहा
शिक्षक जावेद आलम का कहना है कि टीवी पर कौन बनेगा करोड़पति को देखकर ऐसा ही स्कूल में प्रयोग करने के लिए सोचा। ताकि बच्चों को क्लास में जो भी पढ़ाते हैं और उसी से सवाल तैयार कर जवाब मांगा जाए। उसके बाद मशहूर शो की तरह धनराशि भी रखी गई है ताकि बच्चों में उत्साह बढ़ेगा और वह स्कूल में पढ़ेंगे व ज्यादा से ज्यादा याद करेंगे। दूसरी ओर सरकारी स्कूल में युवा शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नए प्रयास से जिलाधिकारी भी काफी खुश हैं। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य सरकारी स्कूल के शिक्षकों को दोनों से प्रेरणा लेकर कुछ नए नित प्रयोग करने चाहिए। ताकि बच्चों में आत्मविश्वास के विकास एवं बौद्धिक स्तर बढ़ाया जा सके। 

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