कोरोना: मॉनसून में खराब हो सकते हैं केरल और मुंबई के हालात, जानें क्या है वजह ?

वीडियो डेस्क। कोरोना वायरस को लेकर रोज नई नई रिसर्च की जा रही हैं। गर्मी आने से पहले ये कहा जा रहा थी कि तापमान बढ़ने के साथ कोरोना का कहर कम हो जाएगा। लेकिन बढ़ते संक्रमण के आंकड़ों ने इस बात को गलत ठहरा दिया। वहीं अब सवाल ये है कि क्या मानसून में कोरोना वायरस और ज्यादा कहर ढाएगा या संक्रमण की रफ्तार कम हो जाएगी। 

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वीडियो डेस्क। कोरोना वायरस को लेकर रोज नई नई रिसर्च की जा रही हैं। गर्मी आने से पहले ये कहा जा रहा थी कि तापमान बढ़ने के साथ कोरोना का कहर कम हो जाएगा। लेकिन बढ़ते संक्रमण के आंकड़ों ने इस बात को गलत ठहरा दिया। वहीं अब सवाल ये है कि क्या मानसून में कोरोना वायरस और ज्यादा कहर ढाएगा या संक्रमण की रफ्तार कम हो जाएगी। आई आई टी बॉम्बे की एक स्टडी के मुताबिक ह्यूमिडिटी बढ़ने पर वातावरण में कोरोना अधिक समय तक सर्वाइव कर सकता है। दो प्रफेसर्स की स्‍टडी बताती है कि उन शहरों में जहां अधिक तापमान और कम ह्यूमिडिटी है वहां खांसी या छींक की ड्रॉपलेट्स सूखने में कम समय लगा, वहां पर कोविड-19 इन्‍फेक्‍शन कम फैला। प्रोफेसर का कहना है कि सूखे वातावरण के मुकाबले ह्यूमिड कंडीशंस में वायरस के सर्वाइव करने का चांस 5 गुना बढ़ जाता है। वहीं मानसून की दस्तक के साथ ही कोरोना इन्‍फेक्‍शंस के मामलों में इजाफा हो सकता है। ऐसे में मुंबई और केरल के शहरों के हालात खराब हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है घर पर रहें और सेफ रहें। 

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