ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की हुई मांग, 29 सितंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई 

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने की मांग की गई है। ये याचिका भी उन्हीं महिलाओं की ओर से दाखिल की गई है जिन्होंने कोर्ट से श्रृंगार गौरी की पूजा की इजाजत मांगने संबंधी याचिका दाखिल की है।

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ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस की नियमित सुनवाई वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में शुरू हुई। अदालत ने आज तकरीबन 45 मिनट की कार्रवाई के बाद सुनवाई की अगली डेट 29 सितंबर फिक्स की है।

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श्रृंगार गौरी केस की वादिनी महिलाओं के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से एप्लिकेशन दी गई थी कि मुकदमे की सुनवाई 8 हफ्ते बाद हो। कारण कि, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि श्रृंगार गौरी केस में जिला जज के आदेश से कोई पक्ष असहमत होता है तो वह उसके खिलाफ उच्च अदालत में जा सकता है। उसे इसके लिए समय मिलना चाहिए। जिला जज की कोर्ट ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया है। कहा है कि बीती 20 मई का सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर स्पष्ट है। उसमें ट्रायल में स्टे की बात नहीं की गई है। 

मां श्रृंगार गौरी केस में पार्टी बनने के लिए कोर्ट में 16 लोगों ने एप्लिकेशन दिया था। उनमें से मात्र 9 लोग उपस्थित थे। एक एप्लिकेशन वापस होने के बाद 8 लोगों को कोर्ट ने कहा है कि वह अपने साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत करें। पक्षकार बनने के लिए मांग करने वाली सभी एप्लिकेशन पर 29 सितंबर को सुनवाई कर कोर्ट अपना आदेश सुनाएगी। इस पर वादिनी महिलाओं की ओर से आपत्ति प्रस्तुत की गई है कि हमारी सहमति से ही कोई पार्टी बन सकता है अन्यथा नहीं बन सकता है। हम अकेले केस लड़ने में सक्षम हैं। ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग और ASI से सर्वे की वादिनी महिलाओं की मांग पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है। 29 सितंबर को मसाजिद कमेटी अपना पक्ष दाखिल करेगी। उसके बाद कोर्ट अपना ऑर्डर सुनाएगी।

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