लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में पढ़ने वाले सत्यम सुराणा नाम के भारतीय नागरिक ने आरोप लगाया है कि LSI छात्र संघ के महासचिव पद के लिए मतदान से पहले उसे बदनाम करने की कोशिश की गई।

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में पढ़ने वाले सत्यम सुराणा नाम के भारतीय नागरिक ने आरोप लगाया है कि LSE छात्र संघ के महासचिव पद के लिए मतदान से पहले उसे बदनाम करने की कोशिश की गई। इसके लिए उसके खिलाफ नफरत से जुड़े अभियान चलाए गया था। सत्यम सुराणा वहीं छात्र है, जिन्होंने बीते साल अक्टूबर में लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर खालिस्तान समर्थकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय तिरंगे को उठाने के बाद सुर्खियों में आए थे। उन्होंने कॉलेज से जुड़े चुनाव के बारे में बताया कि लोग उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के खिलाफ थे। उन्होंने राम मंदिर और बीजेपी का सपोर्ट किया था। इसकी वजह से कॉलेज में लोग उनके खिलाफ नफरत भरा अभियान चला रहे थे।

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सत्यम सुराणा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पिछला हफ्ता मेरे लिए मुश्किल भर रहा। LSE छात्र संघ के महासचिव पद के लिए चुनाव के दौरान मेरे और मेरे टीम के खिलाफ एंटी मोदी और एंटी भारत अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि छात्र संघ के दौरान मेरे पोस्टर फाड़ दिए गए, उन्हें बर्बाद किया गया, भारत-विरोधी और मोदी-विरोधी नारे लगाए गए। 

पुणे में जन्मे छात्र के खिलाफ व्यवस्थित, योजनाबद्ध और पूर्व-संगठित तरीके से अभियान चलाया गया। LSE में छात्र को इस्लामोफोबिक, नस्लवादी, आतंकवादी, फासीवादी, क्वीरफोब के रूप में लेबल किया गया था। कॉलेज में अन्य तरह के टूलकिट का इस्तेमाल कर छात्र को BJP का मेंबर बताया गया और भारत की संप्रभुता को अपमानित करने का काम किया गया।

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