ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) बनेगा। इसके लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के बीच MoU साइन हुआ है। पहले चरण में 2,000 करोड़ के निवेश और 4,500 नौकरियों का लक्ष्य है। इसका मकसद भारत को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है।

नई दिल्ली [भारत], 30 जुलाई (ANI): दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि ग्वालियर में भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) देश को टेलीकॉम डिजाइन, विकास और मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए प्रमुख निवेशक शुरुआत से ही अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं।

भारत ने गुरुवार को ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्र को पहले चरण में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और 4,500 से अधिक नौकरियों के सृजन की उम्मीद है, जबकि अगले चरण में कम से कम 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है।

यह समझौता ज्ञापन (MoU) केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में दूरसंचार विभाग (DoT) और मध्य प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग के बीच हस्ताक्षरित किया गया।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

MoU हस्ताक्षर समारोह में बोलते हुए, अग्रवाल ने कहा कि यह पहल सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप घरेलू विनिर्माण को मजबूत करेगी, नवाचार को बढ़ावा देगी और एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करेगी।

अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा, 'घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करके, नवाचार को बढ़ावा देकर और लचीली आपूर्ति श्रृंखला विकसित करके, यह जोन भारत को दुनिया के सबसे बड़े दूरसंचार बाजारों में से एक होने से आगे बढ़कर टेलीकॉम डिजाइन, विकास और विनिर्माण का केंद्र बनने में सक्षम बनाएगा।'

दूरसंचार सचिव ने आगे कहा कि समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर देश में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने के लिए एक संरचित ढांचे की शुरुआत है।

उन्होंने कहा, 'आज का MoU उस साझा दृष्टिकोण को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एक ठोस संस्थागत ढांचे में बदलता है।'

प्रमुख निवेशकों ने जताया भरोसा

अग्रवाल ने इस पहल में उद्योग के खिलाड़ियों की भागीदारी पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रमुख निवेशकों की शुरुआती प्रतिबद्धता इस परियोजना में विश्वास को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, 'मैं विशेष रूप से उन प्रमुख निवेशकों की सराहना करता हूं जिनकी जोन की शुरुआत से ही भागीदारी इस पहल में उनके विश्वास और कथनी को करनी में बदलने के उनके संकल्प को दर्शाती है।'

उनके अनुसार, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अग्रवाल ने कहा, 'इसमें पर्याप्त निवेश आकर्षित करने, कुशल रोजगार पैदा करने और स्थानीय उद्यमों व युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा करने की भी क्षमता है।'

केंद्र और राज्य सरकार का पूरा सहयोग

दूरसंचार विभाग के समर्थन की पुष्टि करते हुए, अग्रवाल ने कहा कि विभाग निवेशकों के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने और जोन के सफल विकास को सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत और संस्थागत सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल सहकारी संघवाद को भी दर्शाती है, जिसमें केंद्र, मध्य प्रदेश सरकार और उद्योग मिलकर एक ऐसे मैन्युफैक्चरिंग हब को विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं जो भारत को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में उभरने में योगदान देगा। (ANI)

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