देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेस कंपनी, इंफोसिस लिमिटेड ने सलिल पारेख को दूसरी बार कंपनी का सीईओ व एमडी नियुक्त किया है। पारेख की यह नियुक्ति पांच साल के लिए की गई है।

बेंगलुरु। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी इंफोसिस लिमिटेड (Infosys limited) ने सलिल पारेख (Salil Parekh) को पांच साल के लिए सीईओ व एमडी नियुक्त कर दिया है। कंपनी ने रविवार को बताया कि सलिल पारेख को मार्च 2027 को समाप्त होने वाले पांच साल के कार्यकाल के लिए अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त (Salil Parekh reappointed Infosys CEO and MD) किया गया है। कंपनी के निदेशक मंडल की 21 मई, 2022 को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बोर्ड ने कंपनी की नामांकन और पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) की सिफारिशों के आधार पर निर्णय लिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कौन हैं सलिल पारेख? 

सलिल पारेख जनवरी 2018 से इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक हैं। उनकी पुनर्नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। इंफोसिस ने कहा कि यह ध्यान दिया जा सकता है कि सलिल पारेख का निदेशक मंडल के किसी भी सदस्य के साथ कोई संबंध नहीं है और समय-समय पर स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा जारी परिपत्रों सहित लागू कानूनों के तहत मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त होने के लिए सभी मानदंडों को पूरा करता है।

तीन दशक से अधिक का आईटी का अनुभव

सलिल पारेख के पास आईटी सेवा उद्योग में तीस से अधिक वर्षों का वैश्विक अनुभव है। पारेख का उद्यमों के लिए डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने, व्यवसाय में बदलाव लाने और सफल अधिग्रहण का प्रबंधन करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है। इंफोसिस में अपनी नियुक्ति से पहले, श्री पारेख कैपजेमिनी में समूह कार्यकारी बोर्ड के सदस्य थे। कैपजेमिनी में वह 25 वर्षों तक कई नेतृत्व पदों पर कार्य करते हुए कई बड़े प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दे चुके हैं। उन्होंने अर्न्स्ट एंड यंग में एक भागीदार के रूप में भी काम किया और कंसल्टेंसी फर्म को भारत में स्थापित करने का श्रेय भी जाता है। 

IITian हैं पारेख

57 वर्षीय सलिल पारेख ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT बॉम्बे) से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया हैं। कॉर्नेल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने करियर की शुरूआत की थी। 

यह भी पढ़ें:

ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कर्नल सैय्यद खोडाई की निर्मम हत्या, गोलियां से छलनी खून से लथपथ शरीर कार में मिली

बीजेपी के एक और सांसद अर्जुन सिंह ने छोड़ी पार्टी, विधायक पवन सिंह भी बोल सकते हैं बॉय

मौत का ऐसा दर्दनाक तरीका शायद ही कोई चुने, कितनी बेबस होंगी मां व दो बेटियां कमरे को गैस चैंबर में बदलते वक्त