Sugar Price: चीनी की कीमत बढ़कर 52.30 रुपए किलो पहुंच गई है। जानिए दिल्ली, मुंबई, कानपुर, कोलकाता समेत बड़े शहरों में चीनी का रेट कितना है और कितनी महंगी हो सकती है।

Sugar Price Today: त्योहारों से पहले चीनी ने बड़ा झटका दिया है। इसकी कीमतों में पिछले कुछ दिनों में ही इतनी तेजी आई है कि आम लोगों का बजट बिगाड़ना शुरू हो गया है। देश में चीनी का औसत खुदरा भाव करीब 52.30 रुपए प्रति किलो पहुंच चुका है। वहीं, कुछ बाजारों में इसका रेट 65 रुपए प्रति किलो तक बताया जा रहा है। पिछले साल इसी समय चीनी का औसत भाव करीब 46.34 रुपए प्रति किलो था। यानी एक साल में चीनी की कीमत करीब 13% बढ़ गई है। ऐसे में आने वाले त्योहारों से पहले चीनी की कीमत लोगों की चिंता बढ़ा रही है। आइए जानते हैं आपके शहर में चीनी का रेट कितना है...

चीनी का रेट आपके शहर में कितना है?

चीनी की कीमत शहर, बाजार और दुकान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। देश में औसत खुदरा कीमत करीब 52 रुपए प्रति किलो है, जबकि कुछ बाजारों में यह 58 से 63 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। पंजाब के कुछ बाजारों में करीब 65 रुपए किलो तक का रेट देखने को मिला है। इसलिए अगर आप बड़ी मात्रा में चीनी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो अपने नजदीकी किराना स्टोर या ऑनलाइन ग्रॉसरी ऐप पर ताजा कीमत जरूर चेक कर लें।

चीनी की कीमत 20 अगस्त को कहां कितनी है?

दिल्ली- 67 रुपए

कानपुर- 68 रुपए

रायपुर- 67 रुपए

मुंबई- 67 रुपए

रांची- 68 रुपए

कोलकाता- 68 रुपए

गुवाहाटी- 69 रुपए

हैदराबाद- 68 रुपए

चेन्नई- 68 रुपए

नोट- ये कीमतें चीनी की कीमतों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ChiniMandi.com के अनुसार, 20 अगस्त 2026 के हैं। ध्यान रखें कि ये रेट बाजार के हिसाब से बदल सकते हैं। स्थानीय दुकान पर आपको इससे अलग कीमत मिल सकती है।

चीनी अचानक महंगी क्यों हुई?

चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। नए शुगर सीजन की शुरुआत से पहले स्टॉक को लेकर चिंता बनी हुई है। इसके अलावा गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की उम्मीद है। गन्ने की फसल और आने वाले सीजन में चीनी उत्पादन को लेकर भी बाजार में चिंता है। मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बिगड़ने पर इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है।

सरकार ने उठाया बड़ा कदम

बढ़ती कीमतों को काबू में करने और बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। करीब एक दशक बाद इस तरह का कदम उठाया गया है। सरकार की कोशिश है कि आयात के जरिए बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़े। इससे सप्लाई का दबाव कम हो सकता है और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

बड़े खरीदारों पर भी लगी लगाम

सरकार ने सिर्फ इंपोर्ट का रास्ता नहीं खोला है, बल्कि ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने वाले बड़े संस्थानों के स्टॉक पर भी सीमा तय की है। 1 सितंबर से ऐसे बड़े खरीदार सिर्फ 15 दिन की जरूरत के हिसाब से चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। यह नियम 30 नवंबर तक लागू रहेगा। इसका उद्देश्य जमाखोरी पर रोक लगाना और त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की सप्लाई बनाए रखना है।