गोविंदा करियर के बुरे दौर में हैं। इसे महमूद अली ने एक पुरानी बद्दुआ से जोड़ा है। दावा है कि एक महिला उनकी बर्बादी की दुआ मांगती थी। क्या है पूरी कहानी? पढ़िए यहां।
गोविंदा ने अपने करियर में कॉमेडी, एक्शन और ड्रामा जैसी अलग-अलग जॉनर में शानदार काम किया और 90 के दशक में उनकी फिल्मों ने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की। अब उनके करियर को लेकर फिल्म प्रोड्यूसर और राइटर महमूद अली ने चौंकाने वाला दावा किया है। एजाज खान के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने खुद को गोविंदा का करीबी बताते हुए एक पुराने फिल्म विवाद का जिक्र किया। उनके मुताबिक, इस घटना के बाद एक महिला लगातार मंदिर, दरगाह और चर्च जाकर एक ही दुआ मांगती थी। महमूद ने दावा किया कि वह दुआ गोविंदा के बर्बाद होने को लेकर थी और बाद में एक्टर ने भी इस बात को स्वीकार किया।
वो फिल्म, जिसके सेट से शुरू हुआ था पूरा विवाद
महमूद अली के मुताबिक, 1998 में गोविंदा ने डायरेक्टर-प्रोड्यूसर हर्मेश मल्होत्रा की फिल्म ‘दूल्हे राजा’ की थी, जो सफल रही। इसके बाद उन्हें ‘अंखियों से गोली मारे’ और ‘खुल्लम खुल्ला प्यार करें’ के लिए साइन किया गया। दावा है कि ‘खुल्लम खुल्ला प्यार करें’ के लिए शिमला में बड़ा सेट तैयार कराया गया था, लेकिन गोविंदा शूटिंग के लिए वहां नहीं पहुंचे। महमूद की मानें तो गोविंदा ने शिमला का सेट मुंबई में लगाने की बात कही। इसके बाद सेट हटाकर सामान ट्रकों से मुंबई भेजा गया, लेकिन रास्ते में बाढ़ आ गई और पूरा सामान खराब हो गया। फिर मुंबई में दोबारा सेट बनाया गया, मगर उनके मुताबिक गोविंदा वहां भी शूटिंग के लिए नहीं आए और तारीखें टलती रहीं।
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गोविंदा ने हर्मेश मल्होत्रा को 7 साल इंतज़ार कराया
महमूद अली ने बताया कि हर्मेश मल्होत्रा के करीबी लोगों के अनुसार, फिल्म मेकर ने करीब सात साल तक इंतजार किया। ‘दूल्हे राजा’ 1998 में आई थी, जबकि ‘खुल्लम खुल्ला प्यार करें’ अप्रैल 2005 में रिलीज हुई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और उसी साल नवंबर में हर्मेश मल्होत्रा का निधन हो गया। रिपोर्ट्स में इसकी वजह हार्ट अटैक बताई गई।
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गोविंदा के लिए कौन मांगता था बर्बादी की दुआ?
महमूद अली के मुताबिक, हर्मेश मल्होत्रा की मौत के बाद उनकी पत्नी रोजाना जुहू से पैदल सिद्धिविनायक मंदिर जाती थीं। इसके बाद वह मखदूम शाह बाबा दरगाह और फिर चर्च जाती थीं। दावा है कि इन जगहों पर वह सिर्फ एक ही दुआ मांगती थीं—गोविंदा की बर्बादी की। महमूद ने कहा, “किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहिए था, धोखा नहीं देना चाहिए था।” उन्होंने यह भी दावा किया कि जब गोविंदा ने खुद फिल्म प्रोड्यूस की, तब उन्हें इस बात का एहसास हुआ और वह इस पूरे मामले को स्वीकार करते हैं।
