Siddharth Dia Mirza: एक्टर सिद्धार्थ और दीया मिर्जा ने जंतर-मंतर पर हुए CJP छात्र प्रदर्शन का समर्थन किया है। अपनी आने वाली फिल्म 'ऑपरेशन सफेद सागर' के प्रमोशन के दौरान दोनों ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने की 'कीमत' चुकाने की कोई फिक्र नहीं है और वे आगे भी बोलते रहेंगे।

Jantar Mantar Student Protest: एक्टर सिद्धार्थ और दीया मिर्ज़ा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP छात्र प्रदर्शनों की तारीफ की है। अपनी आने वाली फिल्म 'ऑपरेशन सफेद सागर' के प्रमोशन के सिलसिले में IndiaToday.in से हुई एक खास बातचीत में दोनों कलाकारों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। जाहिर है, दोनों ही कलाकार अपनी बेबाक राय रखने से पीछे नहीं हटे।

सिद्धार्थ ने कहा कि उन्हें अपनी बात कहने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाना उनका फर्ज है। उन्होंने साफ किया कि उन्हें बोलने की 'कीमत' चुकाने की कोई चिंता नहीं है।

'बोलने के लिए इजाजत क्यों लूं?'

सिद्धार्थ ने अपने रुख को और स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं इस देश का नागरिक हूं। मेरी अपनी आवाज। है, मेरे अपने विचार हैं, मैं अपने टैक्स चुकाता हूं।" उन्होंने आगे कहा कि अपनी बात रखना उनकी जिम्मेदारी है। इस बात पर जोर देते हुए कि उन्हें चुप न रहने की ज़्यादा फिक्र है, सिद्धार्थ ने कहा, "मुझे कीमत की चिंता नहीं है। मुझे चिंता इस बात की है कि अगर मैं नहीं बोला तो क्या होगा."

'चुप रहने की कीमत ज्यादा बड़ी है'

वहीं, दीया मिर्जा ने भी सिद्धार्थ की बातों से सहमति जताई और छात्रों के कदम को सराहा। उन्होंने कहा कि उन्हें भी अपनी राय जाहिर करने की कीमत चुकाने का कोई डर नहीं है। दीया का मानना है कि सही वजहों के लिए अपनी आवाज का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।

दीया ने कहा कि असल चिंता बोलने की नहीं, बल्कि चुप रह जाने की कीमत को लेकर है। उन्होंने कहा, "मुझे कीमत की फिक्र नहीं है। मुझे इस बात की चिंता है कि अगर हम नहीं बोले तो हमें क्या कीमत चुकानी पड़ेगी।" उन्होंने यह भी साफ किया कि वह आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेंगी।