‘टॉक्सिक’ पर जारी विवाद के बीच यश की मां पुष्पा अरुण कुमार ने बेटे का बचाव किया और पुराने बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह केजीएफ से पहले भी स्टार थे।
यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ को लेकर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। कहानी, हिंसा और बोल्ड कंटेंट को लेकर फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स के एक वर्ग की आलोचना झेलनी पड़ रही है। इसी बीच यश की मां पुष्पा अरुण कुमार का एक बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने बेटे के करियर को लेकर उठते रहे सवालों पर खुलकर बात की और पुराने विवाद को फिर हवा दे दी। पुष्पा ने साफ कहा कि यश की पहचान सिर्फ ‘केजीएफ’ से नहीं बनी, बल्कि वह इससे पहले भी कन्नड़ सिनेमा में सफल फिल्में दे चुके थे। उनके बयान के बाद अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद का पुराना कमेंट भी फिर वायरल हो गया।
यश की मां ने बेटे के करियर को लेकर क्या कहा?
‘टॉक्सिक’ को लेकर चल रही बहस के बीच पुष्पा अरुण कुमार ने अपने बेटे यश का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने उस नैरेटिव पर सवाल उठाया, जिसमें अक्सर यह कहा जाता है कि यश को असली स्टारडम सिर्फ ‘केजीएफ’ के बाद मिला। पुष्पा ने कहा, “मेरा बेटा आतंकवादी नहीं है। वह केजीएफ से पहले ही कर्नाटक में एक सफल स्टार था और उसने कई हिट फिल्में दी हैं, जो उसकी पॉपुलैरिटी साबित करती हैं।”
केजीएफ से पहले यश की कौन-कौन सी फिल्में हिट थीं?
पुष्पा ने बताया कि ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ से पहले भी यश कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में कई साल काम कर चुके थे। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ‘गुगली’, ‘ड्रामा’, ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’, ‘गजकेसरी’ और ‘संतू स्ट्रेट फॉरवर्ड’ जैसी फिल्मों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, ‘केजीएफ’ ने यश को पैन-इंडिया पहचान जरूर दिलाई, लेकिन उनका स्टारडम उस फिल्म से अचानक शुरू नहीं हुआ था। इससे पहले भी कन्नड़ सिनेमा में उनकी मजबूत फैन फॉलोइंग और सफल फिल्मों का सिलसिला मौजूद था।
यश के पुराने करियर को लेकर मां ने और क्या बताया?
पुष्पा ने यश की शुरुआती जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि वह किसी फिल्मी परिवार से नहीं आते। उनके पिता अरुण कुमार केएसआरटीसी में बस ड्राइवर थे, जबकि उनकी मां गृहिणी थीं। उन्होंने बताया कि यश को इंडस्ट्री में किसी बड़े फिल्मी कनेक्शन या आर्थिक बैकिंग का फायदा नहीं मिला। उन्होंने टेलीविजन और कन्नड़ फिल्मों के जरिए धीरे-धीरे अपनी जगह बनाई और फिर अपनी मेहनत के दम पर बड़े स्टार बने।
अल्लू अरविंद ने यश को लेकर क्या कहा था?
पूरा विवाद निर्माता अल्लू अरविंद के एक पुराने बयान से जुड़ा है। एक प्रमोशनल इवेंट में बड़े बजट की फिल्मों की बढ़ती लागत पर बात करते हुए उन्होंने सवाल उठाया था कि किसी फिल्म की सफलता के लिए अभिनेता की स्टार पावर कितनी जिम्मेदार होती है। यश का उदाहरण देते हुए अल्लू अरविंद ने पूछा था, “केजीएफ से पहले यश कौन था?” उनका तर्क था कि फिल्म की भव्यता, बड़े पैमाने पर किया गया प्रोडक्शन और विजुअल स्पेक्टेकल उसकी सफलता के बड़े कारण थे, सिर्फ यश की स्टार पावर नहीं।
अल्लू अरविंद के बयान पर यश ने कैसे दिया था जवाब?
अल्लू अरविंद के कमेंट से उस समय यश के फैंस नाराज हो गए थे। अब ‘टॉक्सिक’ को लेकर चल रही आलोचनाओं के बीच वही पुराना बयान सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हो गया है।यश ने पहले इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रोड्यूसर्स की अहमियत को स्वीकार किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि फिल्म बनाना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं होता। अभिनेता, लेखक, तकनीशियन और कई दूसरे लोग मिलकर सिनेमा तैयार करते हैं।
यश की मां ने ‘टॉक्सिक’ के खिलाफ चल रही बातों पर क्या कहा?
पुष्पा ने कुछ लोगों पर यश के करियर को कमजोर दिखाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने ‘टॉक्सिक’ को लेकर चल रही आलोचनाओं और नकारात्मक नैरेटिव को कथित तौर पर प्रोपेगेंडा बताया। उनका कहना है कि यश ने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने में कई साल लगाए हैं और उनकी सफलता को सिर्फ एक फिल्म से जोड़ना सही नहीं है। पुष्पा ने यह भी जोर दिया कि यश की सबसे बड़ी ताकत आज भी उनका ऑडियंस सपोर्ट है।
