कर्नाटक के शिवमोग्गा में, स्कूल में खेलते हुए 6 वर्षीय बच्चे की हार्ट अटैक से मौत हो गई। एक अन्य घटना में, बाइक पर स्टंट करने वाले 20 वर्षीय बैंक कर्मचारी पर केस दर्ज कर उसकी बाइक जब्त कर ली गई है।
शिवमोग्गा: कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के हालससी गांव में स्कूल कैंपस में खेलते हुए 6 साल के एक बच्चे की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक बच्चे का नाम त्रिलोक जैन था।

जानकारी के मुताबिक, त्रिलोक कोडवनहल्ली के रहने वाले गौतम और शिल्पा का बेटा था। वह स्कूल में खेल रहा था कि तभी अचानक गिर पड़ा। उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। बताया जा रहा है कि त्रिलोक की मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि उसे पहले से दिल से जुड़ी कोई बीमारी थी या नहीं। इस घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा है।
बच्चों में हार्ट अटैक बड़ों की तुलना में अभी भी काफी कम है, लेकिन हार्ट संबंधी समस्याओं और अचानक कार्डियक घटनाओं के मामले बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके कई कारण हो सकते हैं..
1. बढ़ता मोटापा
आजकल कई बच्चे कम फिजिकल एक्टिविटीज और जंक फूड के कारण मोटापे का शिकार हो रहे हैं। मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है, जो हार्ट रोगों से जुड़े हैं।
2. शारीरिक गतिविधि की कमी
मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम के कारण बच्चों का एक्टिव समय कम हो गया है। रेगुलर एक्सरसाइज न करने से हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ रहा है।
3. गलत खानपान
ज्यादा चीनी, नमक, ट्रांस फैट और प्रोसेस्ड फूड का सेवन बच्चों में कम उम्र से ही हार्ट संबंधी खतरों को बढ़ा सकता है।
4. जन्मजात हृदय रोग
कुछ बच्चों में जन्म से ही हार्ट की अंदरूनी समस्याएं होती हैं, जो गंभीर मामलों में कार्डियक का कारण बन सकती हैं।
5. आनुवंशिक कारण
परिवार में कम उम्र में हृदय रोग, हाई कोलेस्ट्रॉल या अचानक हृदय मृत्यु का इतिहास होने पर बच्चों में जोखिम बढ़ सकता है।
6. संक्रमण और सूजन
कुछ वायरल संक्रमण हार्ट की मांसपेशियों में सूजन (मायोकार्डाइटिस) पैदा कर सकते हैं, जिससे सीरियस हार्ट समस्याएं हो सकती हैं।
किन लक्षणों पर ध्यान दें?
- सीने में दर्द या दबाव
- खेलते समय जल्दी थक जाना
- सांस फूलना
- बार-बार बेहोश होना
- दिल की धड़कन बहुत तेज होना
- चक्कर आना
बचाव कैसे करें?
- बच्चों को हर दिन कम से कम 60 मिनट फिजिकल एक्टिविटीज के लिए प्रोत्साहित करें।
- जंक फूड और सुगर युक्त कोल्ड ड्रिंक कम करें।
- बैलेंस डाइट दें।
- पर्याप्त नींद सुनिश्चित करें।
- परिवार में हार्ट रोग की हिस्ट्री हो तो रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं।
