साउथ कोरिया में एक भारतीय लड़की ने शादी का अनोखा नियम बताया। वहां गिफ्ट के बदले मिले फूड टोकन से ही खाने की एंट्री मिलती है। इस नियम की जानकारी न होने पर उन्हें डाइनिंग हॉल में जाने से रोक दिया गया।
साउथ कोरिया में रिसर्च कर रही एक भारतीय लड़की ने हाल ही में एक कोरियाई शादी अटेंड की। इस शादी का एक अनोखा अनुभव उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो अब काफी चर्चा में है। 'jigyasa__।jd' नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस लड़की ने बताया कि कैसे उन्हें अपने दोस्त की शादी में खाना खाने के लिए एक अजीब नियम का सामना करना पड़ा। वह अपने कोरियाई दोस्त की शादी में भारत और श्रीलंका के दो सीनियर साथियों के साथ पहुंची थीं।
ये तीनों शादी में समय पर पहुंच गए थे। उन्हें यह तो पता था कि कोरिया में शादी में पैसों का लिफाफा या गिफ्ट देने का रिवाज है। लेकिन उन्होंने सोचा कि रस्मों के बाद सीधे दूल्हा-दुल्हन को मिलकर गिफ्ट देंगे। शादी की रस्में करीब एक घंटे में खत्म हो गईं। इसके बाद जब सभी मेहमान लंच के लिए डाइनिंग हॉल की तरफ बढ़े, तो ये लोग भी उनके साथ हो लिए। लेकिन यहीं पर उनके साथ एक अजीब घटना हुई।
डाइनिंग हॉल के गेट पर सिक्योरिटी गार्ड्स ने उन्हें रोक दिया और अंदर जाने के लिए 'टोकन' दिखाने को कहा। गिफ्ट का लिफाफा तो उनके पास ही था, क्योंकि वो इसे बाद में देने वाले थे। इसलिए उनके पास कोई टोकन नहीं था।
भाषा की दिक्कत भी थी। सिक्योरिटी गार्ड्स को अंग्रेजी नहीं आती थी और इन्हें कोरियाई। कुछ समझ न आने पर उन्होंने सीधे अपने दोस्त यानी दूल्हे को ही फोन कर दिया। तब जाकर उन्हें कोरिया की शादी का यह अनोखा नियम पता चला।
दरअसल, कोरियाई शादियों में मेहमानों को वेन्यू के एंट्रेंस पर बने काउंटर पर ही गिफ्ट या पैसों का लिफाफा देना होता है। इसके बदले में काउंटर से एक 'फूड टोकन' मिलता है। इसी टोकन को दिखाकर डाइनिंग एरिया में एंट्री मिलती है। यह एक तरह से 'पहले शगुन, फिर भोजन' वाला सिस्टम है।
बाद में दूल्हे ने आकर स्टाफ से बात की, जिसके बाद इन तीनों को डाइनिंग हॉल में एंट्री मिली। उन्होंने अपना लिफाफा दिया और बाकी मेहमानों के साथ खाना खाया। लड़की ने अपने पोस्ट में बताया कि यह अनुभव उनके लिए काफी हैरान करने वाला था, क्योंकि भारत में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। हमारे यहां मेहमान सीधे दूल्हा-दुल्हन को मिलकर बधाई और तोहफे देते हैं, खाने के लिए किसी टोकन की जरूरत नहीं पड़ती।
