Chhattisgarh Naxal: अब नहीं गूंजती गोलियों की आवाज़, सुकमा का ये गांव लिख रहा है नया इतिहास

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केंद्र सरकार और विष्णुदेव साय की राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सल मुक्त अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। कभी नक्सली हिंसा और डर के साये में रहने वाले बस्तर और सुकमा जैसे इलाकों में अब सुरक्षा, विकास और विश्वास की नई तस्वीर उभर रही है। सख़्त सुरक्षा रणनीति के साथ-साथ सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों, पुनर्वास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का असर ज़मीन पर साफ दिखाई दे रहा है। 'इलवद पंचायत' जैसी योजनाओं के माध्यम से नक्सल मुक्त गांवों को प्रोत्साहित कर सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों का भरोसा शासन-प्रशासन पर लगातार मजबूत हो रहा है। यही वजह है कि कभी अशांत माने जाने वाले इलाके आज शांति, प्रगति और नए भविष्य की ओर तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। नक्सल पीड़ित गांवों को नक्सली मुक्त करने और उसे सजाने-संवारने का बीड़ा छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार ने विशेष पहल के तहत किया है इसके अंतर्गत राज्य सरकार ने यह घोषणा की है कि जो गांव पूर्णरूप से नक्सली मुक्त हो जाएगा उसे विशेष पैकेज के रूप में एक करोड रुपए की अतिरिक्त राशि विकास योजनाओं के लिए प्रदान किया जाएगा । इस योजना के तहत ग्राम बड़ेशेट्टी छत्तीसगढ़ का सबसे पहला नक्सली मुक्त गांव घोषित किया गया है । नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद ही गांव के विकास के लिए एक करोड रुपए की राशि विष्णुदेव सरकार ने अलग से दी है जिससे सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मूलभूत आवश्यकता को पूर्ण किया जा रहा है । यहां के ग्रामीण अब बहुत खुश नजर आ रहे हैं अब वे केंद्र सरकार और राज्य सरकार को धन्यवाद देते नहीं थक रहे ।

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