पुलिस ने 5 दिसंबर को केस दर्ज किया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट रोड स्थित लैब के कर्मचारियों फर्जी टेस्ट रिजल्ट तैयार करने के लिए गिरफ्तार किया गया, जबकि दो को 66 वर्षीय मरीज की ओर से सर्टिफिकेट तैयार कराने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

बेंगलुरू। देश का पहला ओमीक्रोन (Omicron) संक्रमित फर्जी रिपोर्ट के सहारे विदेश भागने में सफल रहा था। दक्षिण अफ्रीका के 66 साल के बुजुर्ग को बेंगलुरू (Bengaluru) से दुबई (Dubai) जाने में फर्जी रिपोर्ट जारी करने में मदद करने वाले चार लोगों को अरेस्ट कर दया गया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट (fake negative report) जारी किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो बेंगलुरु के प्राइवेट लैब के कर्मचारी हैं जबकि दो उस प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी हैं, जहां दक्षिण अफ्रीकी डायरेक्टर है।

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फर्जी रिपोर्ट की बात सामने आने के बाद एफआईआर

शासन की ओर से बीते दिनों देश के पहले ओमीक्रोन संक्रमित मरीज के देश छोड़ जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इसकी जांच के बाद यह पता चला कि वह शख्स फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट बनवा कर दुबई चला गया था। यह साफ होने के बाद पुलिस हरकत में आई और इस मामले में एफआईआर दर्ज किया। पुलिस ने 5 दिसंबर को केस दर्ज किया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट रोड स्थित लैब के कर्मचारियों फर्जी टेस्ट रिजल्ट तैयार करने के लिए गिरफ्तार किया गया, जबकि दो को 66 वर्षीय मरीज की ओर से सर्टिफिकेट तैयार कराने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

क्या कहा पुलिस ने इस अरेस्ट पर?

डीसीपी सेंट्रेल एमएन अनुचेथ ने बताया कि चार लोगों को हिरासत में लेकर जांच कर रहे हैं। जांच के बाद पता चलेगा कि क्या ये फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के बड़े रैकेट का हिस्सा हैं या नहीं। 

बीते 20 नवम्बर को पहला संक्रमित भारत पहुंचा था

प्रशासन के अनुसार दक्षिण अफ्रीका का 66 वर्षीय बिजनेसमैन 20 नवंबर को बेंगलुरु पहुंचे थे। यहां उनकी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्होंने खुद को सैंगरिला होटल में आइसोलेट किया। इसके बाद डॉक्टर लगातार मॉनिटरिंग करते रहें। सरकारी डॉक्टर ने बताया कि आईसोलेट व्यक्ति में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं। इसके बाद भी वह आइसोलेट था। लेकिन पुलिस ने पाया कि वह 24 नवंबर को बोर्डरूप मीटिंग में गया था।

जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आने के पहले फर्जी रिपोर्ट पर भागे

अधिकारियों के अनुसार साउथ अफ्रीकी मरीज का सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया। लेकिन उसके एक दिन बाद 23 नवंबर को उन्होंने एक प्राइवेट लैब से रिपोर्ट मंगा ली जोकि नेगेटिव बताया गया था। फिर बिना किसी अधिकारी को बताए वह 27 नवम्बर को देश छोड़कर रवाना हो गए। पुलिस अधिकारियों ने जब ट्रैक किया तो पता चला कि वह दुबई की फ्लाइट से निकल चुके हैं। हालांकि, उनके जाने के कई दिनों बाद उनकी ओमीक्रोन पॉजिटिव रिपोर्ट आई और देश के पहले संक्रमित के रूप में चिंहित हुए। 

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