Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। केतन अग्रवाल की हत्या मामले में उन्होंने इसे सिर्फ अपराध नहीं बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी बताया।
महाराष्ट्र के पुणे में सामने आए चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मंगेतर के साथ भविष्य के सपने देखने वाला युवक केतन अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं है। इस मामले में पहली बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा गंभीर सवाल बताया है।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना "कल्पना से भी परे और बेहद चौंकाने वाली" है। उनके अनुसार, यह सोचने का समय है कि आखिर पढ़े-लिखे और संपन्न परिवारों के युवाओं में इतनी नफरत और प्रतिशोध की भावना क्यों विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसा माहौल तैयार करना होगा, जहां कम उम्र में इस तरह की क्रूर मानसिकता पनपने ही न पाए।
केतन के परिवार से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब केतन अग्रवाल के परिवार ने पुणे में उनसे मुलाकात की। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का भरोसा दिया है।
पुलिस हिरासत में हैं दोनों आरोपी
इस मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। जांच के दौरान दोनों एक-दूसरे पर केतन को खाई में धक्का देने का आरोप लगा रहे हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने कथित तौर पर पूरी योजना साथ मिलकर बनाई थी। इसी बीच एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों आरोपी केतन की मौत से पहले पुणे के एक कैफे में दिखाई दिए हैं। पुलिस इस फुटेज को अहम सबूत के रूप में जांच रही है।
सगाई के कुछ महीनों बाद हुआ दर्दनाक अंत
जानकारी के अनुसार, केतन और सिया की इसी साल फरवरी में सगाई हुई थी। दोनों परिवारों की मुलाकात बेंगलुरु में हुई थी, जिसके एक सप्ताह बाद रिश्ता तय हुआ था। केतन के परिवार का कहना है कि सिया के व्यवहार को लेकर वह पहले ही चिंता जता चुका था। उसका कहना था कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह छोटी-छोटी बातों पर विवाद करती थी। वहीं पूछताछ में सिया ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह केतन को उसके झड़ते बाल और हकलाकर बोलने की वजह से पसंद नहीं करती थी।
दूसरी ओर, चेतन के परिवार ने दावा किया है कि घटना के समय वह कुछ दूरी पर खड़ा था और केतन को धक्का देने का फैसला सिया ने लिया। फिलहाल पुलिस सभी सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।


