पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि युवा पीढ़ी की सोच अलग है, पर वे गलत नहीं हैं। वे देश में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं। उन्होंने युवाओं पर भरोसा करने और उन्हें समय देने पर जोर दिया, क्योंकि देश का भविष्य उनके हाथों में सुरक्षित है।
नई दिल्लीः सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने देश की युवा पीढ़ी, यानी Gen Z को लेकर एक बड़ी बात कही है। पुणे में 'PIC डायलॉग 2024' कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज के युवा अलग तरह से सोचते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गलत हैं। 'राष्ट्रीय सुरक्षा' के विषय पर अपनी राय रखते हुए जनरल नरवणे ने साफ किया कि युवाओं का इरादा देश को नुकसान पहुंचाना नहीं होता। उनके मुताबिक, युवा जो भी करते हैं, वे यह मानकर करते हैं कि उनके कामों से देश में कोई सकारात्मक बदलाव आएगा।
'हमारी पीढ़ी के लिए भी यही कहा जाता था'
अपनी बात को समझाते हुए उन्होंने एक पुराना किस्सा भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब वे जवान थे, तो उनके माता-पिता की पीढ़ी भी उनकी पीढ़ी के बारे में यही सोचती थी कि ये लोग 'बिगड़ गए हैं' और किसी काम के नहीं हैं। पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि यह एक ऐसी चीज है जो हर पीढ़ी के साथ दोहराई जाती है। हर पुरानी पीढ़ी को अपनी अगली पीढ़ी को लेकर कुछ ऐसी ही चिंताएं रहती हैं, जो कि स्वाभाविक है।
इसलिए जनरल नरवणे का मानना है कि युवा पीढ़ी को थोड़ा समय और अपनी जगह (स्पेस) देना बहुत जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें उन पर भरोसा करना चाहिए और उन्हें खुद को साबित करने का मौका देना चाहिए। आखिर में उन्होंने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि युवा आखिरकार वही करेंगे जो देश के लिए सही है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में पूरी तरह सुरक्षित है।


