Kolkata Godown Collapse : कोलकाता के ताराताला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम गिरने से मरने वालों की संख्या 11 हो गई है और 19 लोग घायल हैं। पुलिस जांच कर रही है कि यह हादसा किसकी लापरवाही से हुआ।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कोलकाता के ताराताला में हुए गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। कोलकाता पुलिस के एडिशनल कमिश्नर (क्राइम) कुणाल अग्रवाल ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अग्रवाल ने बताया-हादसे में अब तक 19 लोग घायल हैं। बचाव का काम अभी भी चल रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD) मिलकर इस घटना की जांच कर रहे हैं। बता दें कि बुधवार को ब्रेस ब्रिज के पास एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिर गया था। जिसमें इतने लोगों की जान गई हैं।

कंपनी ने यह जगह लीज पर ली थी
एडिशनल सीपी ने खुलासा किया कि दो आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उन्होंने कहा, “शुरुआती जांच में पता चला है कि एक कंपनी ने यह जगह लीज पर ली थी... दो आरोपियों के पिछले क्रिमिनल रिकॉर्ड हैं। उनसे पूछताछ चल रही है। DD और SIT दोनों मामले की जांच कर रहे हैं और जांच के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया गया है।”अग्रवाल ने यह भी कहा कि पुलिस गिरी हुई इमारत के ढांचे को लेकर कोलकाता नगर निगम (KMC) के संपर्क में है।
उन्होंने कहा, “हमने KMC के साथ शुरुआती बातचीत की है, लेकिन अभी तक औपचारिक पत्र का इंतजार है।
बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा ने मामले की जांच होगी
इससे पहले आज, पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस दुखद घटना के बाद कोलकाता नगर निगम (KMC) की सीमा में आने वाले सभी नए कंस्ट्रक्शन साइट्स का ऑडिट किया जाएगा। पॉल ने कहा आज हम इस तरह के ऑडिट के लिए SOP बनाने के लिए एक बैठक करेंगे। पिछली सरकार के जो लोग इसमें शामिल थे, उन्हें कोई माफी नहीं मिल सकती। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी अवैध इमारतों को नोटिस भेजे गए हैं। पिछली सरकार ने अवैध इमारतों के निर्माण की अनुमति देकर जो किया है, उसे अब व्यवस्थित करना बहुत मुश्किल है।"
सरकार ने जांच के लिए गठित की SIT
- इस बीच, बिल्डिंग सुपरवाइजर सैयद मो. गुलजार और दो लेबर सप्लायर मो. अताउल और सुभाष चौधरी को इस हादसे के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस जयसूर्जा मुखर्जी की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।
- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहले कहा था कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि मंजूर किए गए कंस्ट्रक्शन प्लान में गड़बड़ियां थीं।
- अधिकारी ने कहा था, "प्रोजेक्ट का प्लान 17 जनवरी, 2026 को मंजूर किया गया था। जमीन का मालिक SMPA है और यह जमीन शंभूनाथ बेहरा और पार्टनर्स के नाम पर लीज पर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शुरू में एक गलत प्लान मंजूर किया गया था।"


