NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रहस्य और गहरा होता जा रहा है। CBI की निगरानी में आया NTA अधिकारी, PV कुलकर्णी, मनीषा वाघमारे और पेपर-सेटिंग कमेटी कनेक्शन ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है-क्या मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा के अंदर ही बैठा था असली मास्टरमाइंड? 21 जून को दोबारा होगा NEET एग्जाम। 

NTA Officer Under CBI Watch: देश के लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने पूरे शिक्षा जगत और सरकारी तंत्र को हिलाकर रख दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तफ्तीश में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का ही एक उच्च पदस्थ अधिकारी अब सीधे CBI की कड़ी निगरानी और रडार पर है। इस खुलासे के बाद अब यह साफ हो गया है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा में सेंधमारी करने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि सिस्टम के अंदर ही बैठा कोई 'विभीषण' है।

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परीक्षा से 6 दिन पहले लीक हुआ था पेपर: टाइमलाइन देख उड़ जाएंगे होश

CBI द्वारा कोर्ट में आरोपियों की हिरासत मांगते समय जो टाइमलाइन पेश की गई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे खेल की स्क्रिप्ट परीक्षा की तारीख (3 मई 2026) से बहुत पहले ही लिख दी गई थी:

  • 27 अप्रैल 2026 की वो काली तारीख: मुख्य आरोपी मनीषा संजय वाघमारे ने NTA के उसी संदिग्ध अंदरूनी अधिकारी और अन्य गुर्गों के साथ मिलकर 27 अप्रैल 2026 को ही असली प्रश्न पत्र और उसकी उत्तर कुंजी (Answer Keys) हासिल कर ली थी। यानी परीक्षा से पूरे 6 दिन पहले ही पेपर लीक हो चुका था।
  • लेक्चरर्स का वो खतरनाक नेटवर्क: वाघमारे की मुलाकात इस पूरे लीक कांड के मास्टरमाइंड और केमिस्ट्री लेक्चरर PV कुलकर्णी से हुई थी। इन दोनों को मिलाने वाली कोई और नहीं, बल्कि बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे थी, जो खुद NTA की पेपर-सेटिंग कमेटी की सदस्य थी! मंधारे की शनिवार को हुई गिरफ्तारी ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि लीक पूरी तरह से एक 'इनसाइड जॉब' (अंदरूनी काम) था।

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सुराग मिटाने की साज़िश: हाथ से लिखे प्रश्न और राख का रहस्य

"पैसों के इस खूनी खेल में सबूतों को इस तरह मिटाया गया कि CBI भी दंग रह गई..." CBI की थ्योरी के मुताबिक, वाघमारे ने NTA से प्रश्न पत्र लेकर कुलकर्णी को सौंपे। कुलकर्णी ने उन जटिल केमिस्ट्री प्रश्नों को अपने हाथों से कागज पर लिखा और परीक्षार्थियों के साथ साझा किया। इसके बाद कमान संभाली धनंजय लोखंडे ने, जिसे 13 मई को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से दबोचा गया था। लोखंडे का काम इन प्रश्नों को आगे के सब-एजेंट्स और छात्रों तक फैलाना था।

लेकिन इस कहानी का सबसे डरावना हिस्सा इसका क्लाइमेक्स है। जैसे ही 3 मई को परीक्षा खत्म हुई, साजिशकर्ताओं को भनक लग गई कि उन पर शिकंजा कस सकता है। वाघमारे और कुलकर्णी ने तुरंत केमिस्ट्री के वे हाथ से लिखे प्रश्न और लीक किए गए मूल दस्तावेजों को जलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। सबूतों को राख में बदलने की इस चाल के बावजूद CBI ने कड़ियां जोड़कर दोनों को 10 दिनों की रिमांड पर ले लिया है।

21 जून को दोबारा परीक्षा: क्या इस बार सुरक्षित होगा छात्रों का भविष्य?

इस महा-विवाद और देशव्यापी आक्रोश के बाद NTA ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि रद्द हो चुकी NEET-UG 2026 की परीक्षा अब रविवार, 21 जून, 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। कोर्ट और CBI की सख्त निगरानी के बीच होने वाली इस परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

पेपर लीक माफिया पर अंतिम प्रहार: अगले साल से बदल जाएगा पूरा सिस्टम

इस ऐतिहासिक धांधली ने भारत की साख को वैश्विक स्तर पर ठेस पहुंचाई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक क्रांतिकारी बदलाव का एलान किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अगले साल से पेन-पेपर वाले ट्रेडिशनल मोड को हमेशा के लिए दफन कर दिया जाएगा। अब NEET की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT-Computer Based Test) के रूप में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। अब देखना यह है कि 10 दिनों की CBI कस्टडी में वाघमारे और कुलकर्णी उस 'अंदरूनी अधिकारी' का नाम उगलते हैं या नहीं, जिसने चंद रुपयों के लिए देश के करोड़ों डॉक्टरों के भविष्य को दांव पर लगा दिया।