Panjab University Campus Students Council: पंजाब यूनिवर्सिटी में अभी छात्र संघ चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है, लेकिन सियासी माहौल गरमा गया है। NSUI ने अपने पुराने नेता सुमित कुमार की पार्टी में वापसी कराई है, जो पिछले चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दूसरे नंबर पर रहे थे।
चंडीगढ़: Panjab University (PU) ने अभी Panjab University Campus Students Council (PUCSC) चुनाव की तारीख तय नहीं की है, लेकिन कैंपस में छात्र संगठनों की चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि चुनाव सितंबर के पहले सप्ताह तक कराए जा सकते हैं। इसी उम्मीद के बीच विभिन्न छात्र दलों ने प्रचार शुरू कर दिया है।
NSUI ने सुमित कुमार की कराई वापसी
NSUI ने मंगलवार को कार्यक्रम आयोजित कर सुमित कुमार के पार्टी में दोबारा शामिल होने की घोषणा की। सुमित पिछले सत्र में Students Front की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे और 2,660 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें Gauravveer Sohal ने 3,148 वोटों के साथ हराया था।
तीन साल बाद फिर साथ आए दो गुट
सुमित कुमार की वापसी को NSUI के लिए अहम माना जा रहा है। Students Front को उन NSUI नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक वैकल्पिक मंच के तौर पर देखा गया था, जिन्हें पार्टी से टिकट नहीं मिला था। करीब तीन साल बाद दोनों गुटों के साथ आने से NSUI अब अध्यक्ष पद की दौड़ में ABVP को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।
दीपेंद्र हुड्डा ने किया स्वागत
रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में सुमित कुमार की NSUI में वापसी का ऐलान किया गया। पार्टी इस घटनाक्रम के जरिए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रही है। NSUI ने इससे पहले PUCSC के 2024-25 सत्र में उपाध्यक्ष रहे अर्चित गर्ग की भी पार्टी में वापसी कराई थी।
एकजुटता कितने दिन रहेगी, इस पर सवाल
दोनों गुट फिलहाल मिलकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं और मंगलवार को Students Centre में NSUI के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे। हालांकि, पार्टी से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि दोनों खेमों के बीच यह तालमेल कितने समय तक कायम रहता है, यह चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगा। NSUI ने अपने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को भी अंतिम रूप दे दिया है और पोस्टर छपने के लिए भेजे जा चुके हैं।
ABVP ने भी शुरू किया प्रचार
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। संगठन ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा रैली निकाली और पिछले सप्ताह पूर्व PUCSC चेयरपर्सन गौरववीर सोहल के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया। ABVP में भी दो गुट सामने आए थे, लेकिन फिलहाल दोनों साथ मिलकर प्रचार कर रहे हैं।
Sath इस बार अध्यक्ष पद पर लगाएगा दांव?
पिछले सत्र में उपाध्यक्ष अश्मीत सिंह के कार्यकाल के दौरान सुर्खियों में रही Sath पार्टी भी इस बार चुनावी मैदान में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। पार्टी बुधवार को अपने उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। लगातार दो वर्षों तक उपाध्यक्ष पद जीतने के बाद इस बार Sath के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की संभावना है।
नए संगठनों ने भी चिपकाए पोस्टर
कैंपस में नए छात्र संगठनों की मौजूदगी भी दिखाई देने लगी है। Students Organisation of India (SOI) से अलग होकर बने Panjab University Democratic Front ने कैंपस में पोस्टर लगाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, Indian National Students Organisation (INSO) भी अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव की तैयारी कर रहा है। पिछले चुनाव में उसके उम्मीदवार Vishesh Anand Dhaka को SOPU के Abhishek Dagar से हार मिली थी।
चुनाव की तारीख पर जल्द फैसला संभव
PU प्रशासन ने मंगलवार को चुनाव की अंतिम तारीख को लेकर बैठक की। Dean Students Welfare (DSW) Yogesh Rawal ने बताया कि तारीख तय होने के बाद नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी प्रक्रिया पूरी करने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। ऐसे में तारीख घोषित होते ही कैंपस में चुनावी माहौल और तेज होने की उम्मीद है।
NSUI ने Jantar Mantar प्रदर्शन का मुद्दा उठाया
Students Centre में छात्रों को संबोधित करते हुए दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पिछले महीने हुए Jantar Mantar प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले किसानों को तीन कृषि कानूनों के जरिए निशाना बनाया और अब देश के युवाओं के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी छात्रों से अपील की कि वे आगामी चुनाव में अपने वोट के जरिए सरकार को जवाब दें।
