PM Modi Facebook Video Blocked: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का फेसबुक वीडियो ब्लॉक होने से बवाल मच गया। हालांकि, अब मेटा ने अपनी गलती मान ली है।

PM Modi Facebook Video Blocked Controversy: देशभर में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक (Facebook) से एक ऐसी बड़ी चूक हो गई, जिससे इंटरनेट पर हड़कंप मच गया। फेसबुक का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी मेटा (Meta) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो पर अचानक रोक लगा दी। जब इस बैन को लेकर भारी बवाल मचा और सवाल उठने लगे, तो कंपनी को अपनी गलती माननी पड़ी। मेटा ने सफाई देते हुए कहा है कि यह कोई जानबूझकर उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि एक 'मिस्टेक' (तकनीकी चूक) थी।

पीएम मोदी के वीडियो को लेकर आखिर क्या हुआ था?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP (Cockroach Janta Party) के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया गया पहला वीडियो कुछ समय के लिए सीमित (Restricted) कर दिया गया था। करीब रात 1:25 बजे जब यूजर्स ने वीडियो खोलने की कोशिश की और 'See Why' ऑप्शन पर क्लिक किया, तो वहां यह मैसेज दिखाई दिया कि कंटेंट को 'Legal Request' के तहत सीमित किया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तेजी से चर्चा शुरू हो गई।

Meta ने क्या दी सफाई?

मामला बढ़ने के बाद मेटा ने बयान जारी कर कहा कि वीडियो को जानबूझकर नहीं हटाया गया था। कंपनी के मुताबिक, यह एक तकनीकी गलती (Mistake) थी। मेटा ने साफ किया कि वीडियो गलती से रिस्ट्रिक्ट (ब्लॉक) हो गया था। जैसे ही यह गलती सामने आई, उसे तुरंत ठीक कर दिया गया और वीडियो को दोबारा फेसबुक पर उपलब्ध करा दिया गया। यानी कंपनी का कहना है कि यह किसी नई नीति या जानबूझकर उठाया गया कदम नहीं था।

CJP प्रदर्शन के बीच बढ़ी थी चर्चा

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया जब देश में CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट, वीडियो और राजनीतिक बहस चल रही थी। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री के वीडियो पर अचानक रिस्ट्रिक्शन (Restriction) दिखने से कई तरह के सवाल उठने लगे थे। हालांकि, मेटा की सफाई आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि वीडियो गलती से सीमित हुआ था।

हाल ही में Meta पर बढ़ी थी सरकार की नजर

यह पहली बार नहीं है जब मेटा किसी विवाद को लेकर चर्चा में आया हो। कुछ समय पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Instagram पर कथित आपत्तिजनक विज्ञापनों को लेकर मेटा से जवाब मांगा था। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को मेटा से यह पूछने के निर्देश दिए थे कि ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे दिखाई दिए और उन्हें रोकने के लिए कंपनी के पास क्या व्यवस्था है।

AI की मदद से कंटेंट मॉडरेशन का दावा

मेटा का कहना है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान करने के लिए वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करता है। कंपनी के अनुसार, उसके पास ऐसे कंटेंट को पहचानने और हटाने के लिए एडवांस सिस्टम मौजूद हैं। साथ ही, नए सुरक्षा उपायों पर भी लगातार काम किया जा रहा है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को जल्दी हटाया जा सके।