सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और कई घायल हैं। अमित शाह ने गोवा का कार्यक्रम रद्द किया। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच रेस्क्यू जारी है और मालिक पर FIR दर्ज हुई।

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक इमारत अचानक ढह गई। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया। उन्हें चिम्बेल में बीजेपी के नए राज्य कार्यालय भवन का उद्घाटन करना था।

एक मौत, कई घायल; मलबे में लोगों की तलाश

हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज के नोडल अधिकारी बलराज सिंह के मुताबिक, पांच लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। घायलों की सही स्थिति की जानकारी अस्पताल की ओर से दी जाएगी। मौके पर 17 से ज्यादा एंबुलेंस तैनात की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में 25 से 30 लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बचाव अभियान पूरा होने तक वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं होगी।

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‘तीन बच्चों को बचाया’, फिर भी कई के फंसे होने की आशंका

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह राजनीति या आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं, बल्कि बचाव अभियान का वक्त है। उनके मुताबिक, तीन बच्चों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और कई अन्य बच्चों के अंदर फंसे होने की आशंका है। हुड्डा ने साथ ही बिल्डिंग सेफ्टी, फायर सेफ्टी, नक्शों की मंजूरी और संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि रेस्क्यू के बाद इस हादसे की जवाबदेही तय करनी होगी।

मालिक के खिलाफ FIR, अब जांच पर नजर

सत्य निकेतन में गिरी इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हादसे के बाद दो मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि रेस्क्यू ऑपरेशन में घायल हुए एक व्यक्ति को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। लेकिन बचाव अभियान खत्म होने के बाद बड़ा सवाल यही रहेगा कि इमारत गिरी क्यों और सुरक्षा मानकों की निगरानी में चूक कहां हुई?

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