Supreme Court NEET Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को और मज़बूत बनाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने साफ़ कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए एक पुख्ता सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए.
NEET Paper Leak: NEET और दूसरी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को और मजबूत बनाने पर जोर दिया है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा कराने वाली संस्था को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि भविष्य में पेपर लीक या किसी अन्य तरह की अनियमितता की गुंजाइश कम से कम हो।
NTA में बड़े बदलाव के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि NTA को एक संस्था के तौर पर और मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव लाने और एक मजबूत सिस्टम तैयार करने पर भी जोर दिया है। इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।
केंद्र से मांगा जवाब
कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी बताने को कहा है कि NEET परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित कराने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। सरकार को परीक्षा की सुरक्षा, प्रश्नपत्र की गोपनीयता और पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए उपायों की जानकारी देनी होगी। इस मामले में अब करीब तीन सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी।
UGC-NET में गड़बड़ी के बाद लिया गया फैसला
दरअसल, UGC-NET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने NTA की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम उठाए। सरकार का फोकस अब परीक्षा प्रक्रिया में शामिल टीम, तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर है।
600 एक्सपर्ट्स की जगह नए विशेषज्ञ
NTA की परीक्षा टीम में भी फेरबदल किया गया है। सरकार ने करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नए एक्सपर्ट्स नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा प्रश्नपत्रों की जांच के लिए अब चार-स्तरीय (Four-Tier) सिस्टम लागू करने की तैयारी है। इससे प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी जांच की प्रक्रिया में अतिरिक्त सुरक्षा परतें जुड़ेंगी।
25 अधिकारियों की होगी नियुक्ति
परीक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए अगले दो सप्ताह के भीतर करीब 25 अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने की बात सामने आई है। इसके जरिए NTA की प्रशासनिक और परीक्षा संचालन क्षमता को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
NTA कार्यालय की सुरक्षा भी होगी मजबूत
NTA के कार्यालयों को भी नई इमारत में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है। इस नई बिल्डिंग की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF को दी जाएगी। परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
परीक्षा में तकनीक और सुरक्षा पर जोर
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से भी परीक्षा व्यवस्था में सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं को पुख्ता करने पर जोर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में तकनीकी खामियों, पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रभावी और भरोसेमंद व्यवस्था लागू हो।
