ठाणे के KDMC अस्पताल में महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ से कथित मारपीट का CCTV वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। FIR दर्ज, विरोध तेज... क्या अस्पतालों में डॉक्टर अब भी सुरक्षित हैं?
Thane Hospital Assault: मुंबई से सटे ठाणे के डोंबिवली इलाके में स्थित KDMC अस्पताल में मंगलवार की रात कुछ ऐसा हुआ, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। जो डॉक्टर दिन-रात मरीजों की जान बचाने में जुटे रहते हैं, वे खुद अपनी जान बचाने के लिए कमरों में छिपने को मजबूर हो गए। अस्पताल के शांत माहौल में अचानक चीख-पुकार मच गई जब एक रसूखदार स्थानीय नेता ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस बर्बरता का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, पूरे देश के लोगों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।

सत्ता का ऐसा नशा! कमरे में बंद कर तीन मिनट तक चलता रहा 'खूनी खेल'
अस्पताल के अंदर लगे CCTV कैमरों में कैद हुई तस्वीरें रूह कंपा देने वाली हैं। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि सत्ता के नशे में चूर कॉर्पोरेटर और उसके साथ आए कुछ लोगों का हिंसक ग्रुप एक छोटे से कमरे के भीतर अस्पताल स्टाफ को घेर लेता है। इसके बाद शुरू होता है थप्पड़ों और घूंसों की बरसात का वो खौफनाक सिलसिला, जिसने डॉक्टरों को असहाय बना दिया। यह पूरी अफ़रातफ़री और मारपीट का नंगा नाच तीन मिनट से ज़्यादा समय तक कैमरे पर लाइव चलता रहा और अस्पताल का वो कमरा जैसे किसी टॉर्चर रूम में तब्दील हो गया।
बेड के लिए मचा बवाल: नवजात की सांसों पर भारी पड़ी नेता की 'रंगदारी'
आखिर इस खूनी संघर्ष के पीछे की वजह क्या थी? अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पूरे विवाद के पीछे की चौंकाने वाली कहानी बयां की। दरअसल, अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला के परिवार को डॉक्टरों ने बेहद संवेदनशीलता से समझाया था कि होने वाले नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) बेड की ज़रूरत पड़ सकती है। चूंकि अस्पताल के सभी NICU बेड पहले से भरे हुए थे, डॉक्टरों ने परिवार की भलाई के लिए उन्हें किसी दूसरे बड़े अस्पताल में शिफ्ट होने की सलाह दी। डॉक्टरों की यह ईमानदारी ही नेताजी को नागवार गुजरी और उन्होंने इसे अपनी नाक का सवाल बना लिया।
महिला डॉक्टर का गिरा फोन, टूटी उम्मीद... पीछे से वार करने वाला वो 'माननीय' कौन?
CCTV फुटेज का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वो था जब अपनी जान बचाने की कोशिश कर रही एक महिला डॉक्टर ने मदद के लिए अपने मोबाइल फोन से कॉल करने का प्रयास किया। कैमरे में दिख रहा है कि वह हमलावरों के आगे हाथ जोड़कर उन्हें रोकने की गुहार लगा रही हैं। जब गुंडे उनका फोन छीनने झपटे, तो वह खुद को बचाते हुए डेस्क के पीछे छिप गईं। इसी दौरान, पीछे से आए उस मुख्य कॉर्पोरेटर ने महिला डॉक्टर पर इतनी ज़ोर से घातक वार किया कि फोन उनके हाथ से छूटकर दूर जा गिरा। फोन गिरते ही डॉक्टरों की मदद की आखिरी उम्मीद भी टूट गई, और इसके बाद उस कथित नेता ने बाकी स्टाफ को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
'खाकी' और 'खादी' का इम्तिहान: क्या सलाखों के पीछे जाएगा एकनाथ शिंदे का वो खास कॉर्पोरेटर?
इस शर्मनाक घटना के बाद अस्पताल के सैकड़ों कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बवाल के बाद कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) के कमिश्नर अभिनय गोयल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्शन लिया है। उन्होंने पुष्टि की है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के रसूखदार कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस दबंग नेता की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका आंदोलन थमेगा नहीं।
पूरे हेल्थकेयर सिस्टम पर हमला: यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
इस घटना ने देश के चिकित्सा जगत को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर फुटेज वायरल होने के बाद 'यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट' ने एक बेहद कड़ा और भावुक बयान जारी किया है। संगठन ने कहा कि डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्करों पर होने वाले ये हमले अब महज़ इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गए हैं, बल्कि ये डरावनी हद तक हमारे समाज में आम होते जा रहे हैं। पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने आक्रोश जताते हुए कहा, "यह हमला किसी एक डॉक्टर पर नहीं, बल्कि देश के पूरे हेल्थकेयर सिस्टम और उस पर निर्भर हर लाचार नागरिक की सुरक्षा पर किया गया प्रहार है।" अब देखना यह है कि कानून इन रसूखदार हमलावरों को क्या सबक सिखाता है।


