क्या शादी के सिर्फ 4 महीने बाद UPSC अभ्यर्थी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया? क्या 12 पन्नों के सुसाइड नोट में लगाए गए पत्नी और ससुराल पक्ष पर आरोप सच हैं? क्या तलाक के दबाव, मानसिक प्रताड़ना और रिश्तों के तनाव ने राहुल की जान ले ली? या फिर सास के 5 लाख रुपये मांगने वाले दावे से मामले में कोई नया और चौंकाने वाला मोड़ आएगा?
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी कर रहे 27 वर्षीय एक होनहार युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। लेकिन यह महज़ एक आत्महत्या नहीं है; मौत के पीछे छिपे पारिवारिक कलेश, धोखे और मानसिक प्रताड़ना के एक ऐसे जाल का पर्दाफाश हुआ है, जिसने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को इंदिरा नगर के एक किराए के कमरे में फंदे से झूलता हुआ शव मिलने के बाद मंगलवार को जब 12 पन्नों का सुसाइड नोट सामने आया, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

सुहागरात की वो खौफनाक शुरुआत: "मुझे हाथ मत लगाना!"
मृतक युवक की पहचान आगर-मालवा के नलखेड़ा निवासी राहुल (पिता रामकरण मेघवाल) के रूप में हुई है, जो उज्जैन में रहकर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना बुन रहा था। राहुल की शादी इसी साल 10 फरवरी 2026 को कविता (मन्नत कामरिया) से हुई थी। राहुल ने अपने सुसाइड नोट में बेहद चौंकाने वाले खुलासे करते हुए लिखा कि शादी के पहले दिन से ही उसकी जिंदगी नर्क बन गई थी। “शादी के शुरुआती दिनों से ही पत्नी दूरी बनाकर रखती थी। सुहागरात पर उसने साफ कह दिया था कि तुम्हारा मेरे ऊपर कोई हक नहीं है, मुझे हाथ मत लगाना।” राहुल के मुताबिक, शादी के महज 10 दिन बाद से ही उसकी पत्नी कविता, सास सिद्धिका कामरिया और ससुर गोपाल सिंह चौहान उस पर तलाक का दबाव बनाने लगे थे। उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा था, जिससे उसे लगने लगा था कि उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है।
12 पन्नों का दर्द और आखिरी चीख: "मां-बेटी तड़पकर मरोगी"
राहुल का रूममेट जब किसी काम से बाहर गया हुआ था, तब पीछे से राहुल ने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ जो 12 पन्नों का सुसाइड नोट लगा, वह राहुल की मानसिक घुटन और लाचारी की गवाही दे रहा था। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा: "पापा-मम्मी मुझे माफ कर देना... मैं आपको सुख देने की जगह दुख देकर जा रहा हूं। मैं काफी समय से अंदर ही अंदर घुट रहा था। मुझे नहीं लगता था कि समाज या कोर्ट से मुझे कभी न्याय मिल पाता। अब शायद मरने के बाद ही मुझे शांति मिलेगी।"
सुसाइड नोट के आखिरी पन्नों में राहुल का गुस्सा और दर्द साफ झलक रहा था। उसने लिखा कि समाज में ऐसे लोगों को जीने का हक नहीं है जो गरीबों को तोड़ते हैं। उसने आखिरी नोट में शाप देते हुए लिखा, "तुम दोनों मां-बेटी भी कभी खुश नहीं रहोगी और तड़प-तड़प कर मरोगी... रोज-रोज मुझे जीते जी खा रही थीं।" राहुल ने युवाओं और लड़कियों के परिवारों से भी अपील की कि अगर लड़की की पसंद कोई और हो, तो मजबूरी में किसी निर्दोष का जीवन बर्बाद न करें।
सास का पलटवार: क्या 5 लाख रुपये के लिए रची गई कहानी?
इस पूरे मामले में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब राहुल की सास सिद्धिका कामरिया मीडिया के सामने आईं। उन्होंने राहुल के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक नया और चौंकाने वाला दावा कर दिया। सास का कहना है कि राहुल खुद उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। ससुराल पक्ष का आरोप है कि उनके पास ऐसी कॉल रिकॉर्डिंग्स मौजूद हैं, जिनमें राहुल उनसे 5 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग कर रहा था। सास ने कहा, "हम खुद उससे इतना परेशान हो चुके थे कि हमने उसका फोन उठाना बंद कर दिया था। शादी का पूरा खर्च भी हमने ही उठाया था। राहुल की लिखी बातों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।"
पुलिसिया तफ्तीश: कॉल डिटेल्स और सुसाइड नोट खोलेंगे राज?
घटना की सूचना मिलते ही नागझिरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के सामने अब यह मामला बेहद पेचीदा हो चुका है। एक तरफ 12 पन्नों का दर्दनाक सुसाइड नोट है, तो दूसरी तरफ ससुराल पक्ष का पैसों की मांग वाला दावा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राहुल का मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स, सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और अन्य गवाहों के आधार पर गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस जल्द ही राहुल के ससुराल वालों को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। अब देखना यह है कि कॉल रिकॉर्डिंग और सुसाइड नोट की कड़ियों को जोड़कर पुलिस इस उलझी हुई मौत की मिस्ट्री से कब पर्दा उठा पाती है।


