60 साल के रिक्शा चालक ने नौकरी और बिजनेस में फर्क बताते हुए अपने जिंदगी के अनुभव साझा किए। कोरोना में कारोबार बंद होने के बाद रिक्शा चलाने वाले बुजुर्ग की बात सोशल मीडिया पर वायरल है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है।
सोशल मीडिया पर अक्सर बिजनेस शुरू करने, नौकरी छोड़कर अपना काम खड़ा करने और करोड़ों कमाने की कहानियां वायरल होती हैं। लेकिन इस बार वायरल हो रहा एक वीडियो एक बिल्कुल अलग नजरिया सामने लाया है। करीब 60 साल के एक रिक्शा चालक ने जब 9 से 5 की नौकरी और बिजनेस में बेहतर विकल्प को लेकर अपनी राय बताई, तो उनकी बात ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
नौकरी या बिजनेस? बुजुर्ग ने दिया सीधा जवाब
सोशल मीडिया पर अनुज घई नाम के यूजर द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वह बैटरी रिक्शा में बैठे नजर आते हैं। उनके साथ रिक्शा मालिक भी मौजूद हैं। बातचीत के दौरान अनुज उनसे पूछते हैं कि उनके हिसाब से 9 से 5 की नौकरी बेहतर है या बिजनेस? बुजुर्ग बिना किसी झिझक के कहते हैं कि “नौकरी तो नौकरी है, वही अच्छी है।” इसके बाद वह अपने लंबे अनुभव के आधार पर समझाते हैं कि बिजनेस में कमाई हमेशा निश्चित नहीं होती। एक दिन अच्छा मुनाफा हो सकता है, जबकि अगले दिन नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
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700-800 रुपये कमाई, लेकिन खर्च भी कम नहीं
अपनी बात समझाने के लिए बुजुर्ग रिक्शे का उदाहरण देते हैं। वह बताते हैं कि रिक्शे का करीब 400 रुपये किराया और लगभग 100 रुपये बिजली का खर्च आता है। दिनभर मेहनत करने के बाद उनकी कुल कमाई करीब 700 से 800 रुपये तक रहती है। उनका कहना है कि बिजनेस में दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और दूसरे खर्च लगातार बने रहते हैं। ऐसे में कारोबार चलने पर ही कमाई होती है, जबकि नौकरी में निश्चित आमदनी का भरोसा रहता है।
कोरोना में बंद हुआ बिजनेस, फिर चलाना पड़ा रिक्शा
बुजुर्ग बताते हैं कि वह करीब पांच साल से रिक्शा चला रहे हैं। इससे पहले वह खुद बिजनेस करते थे। कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में उनका कारोबार बंद हो गया और वह दोबारा उसे खड़ा नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। उनके बच्चे नौकरी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद वह इस उम्र में अपने खर्चों के लिए खुद मेहनत कर रहे हैं। यही आत्मनिर्भरता सोशल मीडिया यूजर्स को भी प्रभावित कर रही है। कई लोगों ने उनकी बात की तारीफ की और उनके अनुभव को सम्मान दिया।
हालांकि, नौकरी और बिजनेस में कौन बेहतर है, इसका जवाब हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्यों पर निर्भर करता है। बुजुर्ग रिक्शा चालक की बात इसलिए खास है क्योंकि यह किसी किताब की थ्योरी नहीं, बल्कि जिंदगी के अनुभव से निकली राय है।
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