UP Roadways Bus Fare Discount: NEET 2026 परीक्षा देने जा रहे छात्रों को यूपी रोडवेज बसों में 50% किराया छूट कैसे मिलेगी और इसके लिए क्या दस्तावेज जरूरी होंगे? मोहर्रम 2026 को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलूस, ताजिया और कानून-व्यवस्था के संबंध में कौन-कौन से नए निर्देश जारी किए हैं?

उत्तर प्रदेश में आगामी NEET परीक्षा, मोहर्रम और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परीक्षा व्यवस्था को सुगम बनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

NEET छात्रों को राहत, बस किराये में मिलेगी 50% छूट

मुख्यमंत्री ने 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि यूपी रोडवेज की बसों में केवल एडमिट कार्ड दिखाकर छात्र किराये में 50 प्रतिशत की छूट प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश के 59 जिलों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी ने परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

मोहर्रम और योग दिवस को लेकर प्रशासन अलर्ट

मोहर्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परंपरागत आयोजनों का सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं होगी। जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही ताजिया की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुसार रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों और 762 शहरी निकायों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ रखी गई है। योग दिवस से एक दिन पहले पूरे प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं के समाधान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) नहीं हैं, वहां तीन दिनों के भीतर नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।