UP News: उत्तर प्रदेश के 3.5 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए गुड न्यूज है। योगी सरकार ने 5 साल बाद मानदेय बढ़ा दिया है। जानिए इसके साथ और क्या-क्या बड़े तोहफे दिए गए हैं।

UP Mid-Day Meal Rasoiya Salary Increase: उत्तर प्रदेश में मिड-डे मील के तहत स्कूलों में खाना बनाने वाले रसोइयों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने पूरे 5 साल बाद इन रसोइयों के मानदेय में बड़ा इजाफा किया है। इस फैसले के लिए कोई मीटिंग नहीं बुलाई गई। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए शनिवार को इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। इसके अलावा रसोईयों को सरकार ने तीन और बड़े तोहफे दिए हैं। आइए जानते हैं सरकार के इस फैसले से किसे, क्या और कितना फायदा होने वाला है।

मिड-डे मील रसोईयों का मानदेय कितना बढ़ा?

अब तक यूपी के परिषदीय स्कूलों में खाना बनाने वाले इन रसोइयों को हर महीने 2 हजार रुपए मानदेय मिलता था। अब सरकार ने इसे सीधे 1 हजार रुपए बढ़ाकर 3 हजार रुपये महीना कर दिया है। इसका सीधा फायदा यूपी के करीब 3 लाख 53 हजार रसोइयों को मिलेगा, जो ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में काम करते हैं।

सैलरी के अलावा मिले ये 3 बड़े गिफ्ट

योगी सरकार ने सिर्फ मानदेय नहीं बढ़ाया है, बल्कि इन कर्मचारियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखते हुए 3 और शानदार तोहफे दिए हैं।

कपड़ों का खर्च: हर साल यूनिफॉर्म बनवाने के लिए अलग से 500 रुपए दिए जाएंगे।

सेफ्टी का ध्यान: खाना बनाते वक्त हाथों की सुरक्षा के लिए दस्ताने (Gloves) खरीदने को 400 रुपए मिलेंगे।

इलाज की टेंशन खत्म: सभी रसोइयों को 'कैशलेस इलाज' की सुविधा दी जा रही है। यानी अब बीमार पड़ने पर अस्पताल का मोटा खर्चा सरकार उठाएगी। यह सुविधा प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को भी मिल रही है।

23 अगस्त को सीएम योगी करेंगे रसोईयों का सम्मान

रविवार, 23 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक बड़ा सम्मान समारोह होने वाला है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ यहां 11 रसोइयों को अपने हाथों से सम्मानित करेंगे और उन्हें कैशलेस कार्ड देंगे। इस प्रोग्राम में पूरे प्रदेश से करीब 1500 रसोइए बुलाए गए हैं। इसी दिन यूपी के हर जिले और तहसील में भी रसोइयों के लिए ऐसे ही सम्मान प्रोग्राम होंगे।

2027 चुनाव और मास्टरस्ट्रोक

दरअसल, 2027 की शुरुआत में ही यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। 5 साल से मानदेय न बढ़ने की वजह से रसोइए लंबे समय से मांग कर रहे थे। इससे पहले सरकार ने 2019 में सैलरी 1000 से 1500 और 2022 में 1500 से 2000 रुपये की थी। अब तीसरी बार इसे बढ़ाकर 3000 किया गया है। चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार ने इस फैसले को इस तबके को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।